झारखंड में नकली विदेशी शराब बनाने के बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। रांची के ओरमांझी स्थित तरंगनी लिकर्स प्राइवेट लिमिटेड में झारखंड पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त कार्रवाई में भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की गई। इस मामले में बिहार के वैशाली निवासी और पूर्व RJD एमएलसी सुबोध राय को गिरफ्तार किया गया है। उनके साथ निजी चालक देवेंद्र भगत और कर्मचारी रविकांत भी पुलिस की गिरफ्त में हैं।
सुबोध राय का राष्ट्रीय जनता दल और पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से पुराना राजनीतिक संबंध रहा है। वह वर्ष 2016 से 2022 तक वैशाली से RJD के एमएलसी रहे, हालांकि 2022 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। उनकी गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री में कम गुणवत्ता वाली शराब तैयार कर उस पर नामी विदेशी ब्रांडों के नकली लेबल लगाए जाते थे। बोतलों पर “For Sale Only in UP” लिखा जाता था, ताकि इसे असली विदेशी शराब के रूप में बेचकर ऊंची कीमत वसूली जा सके। पुलिस को आशंका है कि इस शराब की सप्लाई उत्तर प्रदेश, दिल्ली और शराबबंदी वाले बिहार तक की जाती थी।
रांची पुलिस के अनुसार, यह पहली कार्रवाई नहीं है। वर्ष 2023 में भी इसी फैक्ट्री पर छापा मारकर बड़ी मात्रा में अवैध शराब बरामद की गई थी। उस समय फैक्ट्री को कारण बताओ नोटिस जारी कर बंद कराया गया था, लेकिन बाद में यहां फिर से शराब का उत्पादन और पैकेजिंग शुरू हो गई।
इधर, झारखंड में हुई कार्रवाई के बाद बिहार पुलिस भी अलर्ट हो गई है। वैशाली के पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा ने बताया कि पूर्व एमएलसी के रिकॉर्ड खंगालने के लिए विशेष टीम गठित की गई है। साथ ही यह जांच की जा रही है कि इस फैक्ट्री से बिहार के किन-किन जिलों में अवैध शराब की सप्लाई की जाती थी।
एसपी ने कहा कि यदि जांच में किसी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब इस पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों की जांच तेज कर दी गई है।





