सहरसा बिहार पुलिस दूर संचार संवर्ग की लिखित परीक्षा में अभ्यर्थियों को अवैध तरीके से पास कराने वाले एक संगठित गिरोह का सहरसा पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपित अभ्यर्थियों से 6 से 7 लाख रुपये लेकर परीक्षा में पास कराने का झांसा देते थे। इनके कब्जे से 10 मोबाइल फोन, मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र, विभिन्न अभ्यर्थियों के हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक, एडमिट कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) द्वारा आयोजित बिहार पुलिस दूर संचार संवर्ग की लिखित परीक्षा के दौरान फर्जीवाड़े की गुप्त सूचना मिली थी। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीम को पटना पुलिस से भी महत्वपूर्ण इनपुट प्राप्त हुआ। इसके आधार पर बैजनाथपुर थाना क्षेत्र के हृदयपुर हॉल्ट के समीप छापेमारी की गई, जहां से गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान चंदन कुमार (बनमा इटहरी, सहरसा), चंदन कुमार (सदर, सहरसा), विवेक कुमार (बनगांव, सहरसा), कुन्दन कमल उर्फ श्याम (सलखुआ, सहरसा), प्रमोद प्रजापति (चौक बाजार, गया) तथा राहुल कुमार (कोतवाली, गया) के रूप में हुई है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह परीक्षा में सफलता दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूलता था। इसके लिए अभ्यर्थियों के मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र और हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक अपने पास रखता था तथा विभिन्न माध्यमों से परीक्षा के उत्तर उपलब्ध कराने की कोशिश करता था।
इस मामले में सदर थाना कांड संख्या 737/26, दिनांक 28 जून 2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस)-2023 की विभिन्न धाराओं एवं बिहार लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम-2024 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है तथा गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
संवाददाता: इन्द्रदेव जी, सहरसा





