10वीं पास युवक का कमाल! जमुई के रोहित को मिली हाइड्रो लिफ्टिंग तकनीक की पेटेंट, सस्ती बिजली का किया दावा

जमुई: बिहार के जमुई जिले के लक्ष्मीपुर प्रखंड के बंगरडीह गांव के रहने वाले रोहित ने बिजली उत्पादन के क्षेत्र में एक नई तकनीक विकसित करने का दावा किया है। उनकी ‘हाइड्रो लिफ्टिंग टेक्नोलॉजी’ को भारत सरकार से पेटेंट मिल गया है। रोहित का कहना है कि करीब 12 साल की मेहनत और शोध के बाद उन्होंने यह तकनीक तैयार की, जिसे राष्ट्रीय जल अकादमी, पुणे और आईआईटी के विशेषज्ञों ने भी सराहा और पेटेंट कराने की सलाह दी थी।

महज 10वीं तक पढ़ाई करने वाले रोहित बताते हैं कि बचपन में लगातार बिजली कटौती और टीवी पर शक्तिमान देखते समय बार-बार बिजली जाने की परेशानी ने उन्हें कुछ नया करने की प्रेरणा दी। इसी सोच ने उन्हें ऐसी तकनीक विकसित करने के लिए प्रेरित किया, जो कम लागत में लगातार बिजली उत्पादन का दावा करती है।

रोहित के अनुसार, इस तकनीक में दो टैंकों के बीच पानी का बार-बार पुनर्चक्रण किया जाता है। नीचे के टैंक से पानी को पंप की मदद से ऊपर भेजा जाता है और फिर ऊंचाई से नीचे गिरने पर टर्बाइन घूमता है, जिससे जनरेटर बिजली पैदा करता है। उनका दावा है कि सिस्टम में उत्पन्न बिजली का लगभग 15 प्रतिशत हिस्सा संचालन में खर्च होता है, जबकि शेष 85 प्रतिशत उपयोग के लिए उपलब्ध रहता है।

रोहित अब इस तकनीक के व्यावसायिक उपयोग की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि सबसे बड़ी चुनौती फंडिंग की है। उन्होंने सरकारी सहायता के लिए आवेदन किया है, जबकि निजी कंपनियां भी निवेश में रुचि दिखा रही हैं।

रोहित के पिता संतोष कुमार सिंह, जो सरकारी स्कूल में हेडमास्टर हैं, कहते हैं कि बेटा पढ़ाई के साथ चुपचाप रिसर्च करता रहा। आज उसके नाम पेटेंट होना पूरे परिवार और गांव के लिए गर्व की बात है। अब सभी की नजर इस तकनीक के व्यावहारिक और व्यावसायिक इस्तेमाल पर टिकी है।

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