पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) में पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक एक्शन देखने को मिला है। ड्रग्स से जुड़े 25 लाख रुपये की बरामदगी मामले में संदिग्ध भूमिका सामने आने के बाद तुरकौलिया थाना के थानाध्यक्ष संपत कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) स्वर्ण प्रभात ने प्रशिक्षु डीएसपी ऋषभ कुमार की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर की है।
जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले तुरकौलिया थाना क्षेत्र में एक कार से 25 लाख रुपये बरामद किए गए थे। प्रारंभिक जानकारी में इस राशि का संबंध ड्रग्स तस्करी और अवैध वसूली से होने की बात सामने आई थी। आरोप है कि थानाध्यक्ष संपत कुमार ने इस मामले में दर्ज की गई एफआईआर में तथ्यों को बदलकर पेश किया और महत्वपूर्ण जानकारियों को छिपाने का प्रयास किया।
मामले की शिकायत बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार तक पहुंची, जिसके बाद उन्होंने एसपी स्वर्ण प्रभात को जांच कर आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया। एसपी ने प्रशिक्षु डीएसपी ऋषभ कुमार को जांच की जिम्मेदारी सौंपी। जांच रिपोर्ट में थानाध्यक्ष का आचरण संदिग्ध पाया गया तथा एफआईआर में तथ्यों से छेड़छाड़ की पुष्टि होने के बाद तत्काल निलंबन की कार्रवाई की गई।
एसपी स्वर्ण प्रभात ने स्पष्ट कहा कि मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है। यदि जांच के दौरान किसी अन्य पुलिसकर्मी या अधिकारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस की छवि धूमिल करने वाले किसी भी अधिकारी को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
इस कार्रवाई के बाद जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इसे 25 लाख रुपये की बरामदगी मामले में पहली बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है और आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच जारी है।
संवाददाता: ब्यूरो रिपोर्ट






