पलामू जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। बेलवाटीकर निवासी आरती कुमारी और उनके नवजात शिशु की मौत के बाद सदर अस्पताल और एमएमसीएच की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। घटना के बाद परिजनों में भारी आक्रोश है और अस्पताल प्रशासन की लापरवाही को लेकर कई सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

 

परिजनों का आरोप है कि आरती कुमारी को रात करीब 2 बजकर 10 मिनट पर रेफर कर दिया गया था, बावजूद इसके करीब 3 बजे उन्हें एनेस्थीसिया दिया गया। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब डॉक्टरों के अनुसार सामान्य प्रसव होना था तो फिर ऑपरेशन और चीरा लगाने की नौबत कैसे आ गई। मामले में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर का नाम भी सार्वजनिक नहीं किया गया है, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया है।

 

घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। आरोप है कि हंगामे के दौरान पुलिस द्वारा परिजनों पर लाठीचार्ज भी किया गया। वहीं मृतका के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

 

स्थानीय लोगों और परिजनों का कहना है कि पलामू का सदर अस्पताल और एमएमसीएच केवल रेफर सेंटर बनकर रह गया है। गंभीर मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है, जिसके कारण लगातार लोगों की जान जा रही है। दूसरी ओर प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन हर मामले में सिर्फ जांच की बात कहकर अपनी जिम्मेदारी से बचता नजर आता है।

 

फिलहाल पूरे मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग पर सवाल खड़े हो रहे हैं और लोग दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

 

संवाददाता – सत्यम शुक्ला, पलामू