नवादा: बिहार के नवादा में जमीन खरीद-फरोख्त के नाम पर करोड़ों रुपये की डील से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। महाराष्ट्र के नागपुर से आए तीन कारोबारियों को होटल में बंधक बनाकर मारपीट की गई और हथियार के बल पर जमीन के दस्तावेजों पर जबरन हस्ताक्षर करा लिए गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी पंकज सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने नागपुर निवासी सुनील काले, विजय वनवे और बिचौलिया संतोष पांडेय को ओडिशा से सुरक्षित बरामद किया। पूछताछ में पीड़ितों ने बताया कि आरोपी ने उन पर 51 लाख रुपये की ठगी का झूठा केस दर्ज कराने की साजिश भी रची थी।
पीड़ित सुनील काले ने बताया कि वह पेशे से सिविल इंजीनियर हैं और बेटी को उच्च शिक्षा के लिए जापान भेजने हेतु 90 लाख रुपये की जरूरत थी। इसी कारण वह अपनी पुश्तैनी जमीन बेचने नवादा आए थे। आरोपी पंकज सिंह ने पहले नागपुर जाकर खुद को बड़ा उद्योगपति बताकर उनका विश्वास जीता और बाद में उन्हें रजौली बुलाया।
21 जून को रजौली के एक होटल में आरोपी ने गनमैन के साथ तीनों को बंधक बना लिया। मारपीट और जान से मारने की धमकी देकर 51 लाख रुपये का चेक लिया गया तथा जमीन के कागजात पर हस्ताक्षर करा लिए गए। पीड़ितों ने बताया कि मौका मिलते ही वे रात में होटल से भाग निकले और अपनी जान बचाई।
घटना के बाद आरोपी ने उल्टा रजौली थाने में 51 लाख रुपये लेकर भागने की झूठी शिकायत दर्ज करा दी, लेकिन पुलिस जांच और होटल के सीसीटीवी फुटेज में पैसों के लेनदेन का कोई सबूत नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले अपहरण और हत्या जैसे मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है और उसे उम्रकैद की सजा मिल चुकी है।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में 5 करोड़ रुपये की जमीन डील तय होने की बात सामने आई है, जिसमें 1 करोड़ रुपये ऑनलाइन और 4 करोड़ रुपये नकद देने की योजना थी। थानाध्यक्ष रणजीत कुमार ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






