झारखंड के जामताड़ा जिले में आकाशीय बिजली ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। जिले के बिंदापाथर थाना क्षेत्र अंतर्गत चरकादाहा गांव में वज्रपात की चपेट में आने से दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार, चरकादाहा गांव में एक शादी समारोह आयोजित था, जिसमें शामिल होने के लिए आसपास के कई लोग पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक मौसम ने करवट ली और तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। बारिश और खराब मौसम से बचने के लिए चार लोग एक मिट्टी के घर के पास शरण लेने पहुंचे। तभी अचानक आकाशीय बिजली गिर गई और चारों उसकी चपेट में आ गए।
इस हादसे में 50 वर्षीय विनय सोरेन और 17 वर्षीय विश्वकर्मा तुर्की की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं शिवधान टुडू और राकेश मुर्मू गंभीर रूप से घायल हो गए। वज्रपात की आवाज और घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी।
ग्रामीणों एवं पुलिस के सहयोग से सभी को तत्काल जामताड़ा सदर अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद विनय सोरेन और विश्वकर्मा तुर्की को मृत घोषित कर दिया। वहीं दोनों घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है, जहां उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
घटना के बाद मृतकों के घरों में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा एवं सहायता प्रदान करने की मांग की है।
फिलहाल बिंदापाथर थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। वहीं जिला प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और कच्चे घरों के आसपास शरण लेने से बचने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। प्रशासन ने वज्रपात से बचाव के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी सलाह दी है।
संवाददाता : संतोष कुमार






