देश के करोड़ों राशन कार्ड धारकों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत भरी घोषणा की है। वन नेशन वन राशन कार्ड (ONORC) योजना के तहत राशन वितरण व्यवस्था को और अधिक सुविधाजनक और पारदर्शी बनाया जा रहा है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद लाभार्थियों को अपना पूरा राशन एक ही दुकान से लेने की बाध्यता नहीं रहेगी। अब वे अपनी सुविधा के अनुसार अलग-अलग दुकानों से खाद्यान्न प्राप्त कर सकेंगे।
केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने बताया कि नई प्रणाली के तहत राशन कार्ड धारक देश की किसी भी उचित मूल्य की दुकान से अपने हिस्से का गेहूं, चावल या अन्य खाद्यान्न उठा सकेंगे। उदाहरण के तौर पर, कोई व्यक्ति एक दुकान से गेहूं और दूसरी दुकान से चावल ले सकता है। इससे राशन वितरण में लचीलापन बढ़ेगा और लाभार्थियों को सुविधा मिलेगी।
सरकार ने इस व्यवस्था की तुलना बैंक के एटीएम सिस्टम से की है। जिस प्रकार कोई भी व्यक्ति किसी भी एटीएम से पैसे निकाल सकता है, उसी तरह अब राशन कार्ड धारक भी देश के किसी भी कोने में स्थित सरकारी राशन दुकान से अपने हिस्से का अनाज प्राप्त कर सकेंगे। इससे लंबी कतारों, मशीन में अंगूठा न लगने और स्टॉक खत्म होने जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी।
इस योजना का सबसे अधिक लाभ प्रवासी मजदूरों और दिहाड़ी कामगारों को मिलेगा। अब उन्हें अपने गृह राज्य या गांव की राशन दुकान पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। वे जहां काम कर रहे हैं, वहीं आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए राशन प्राप्त कर सकेंगे।
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को तकनीकी रूप से मजबूत बना रही है। राशन दुकानों की इलेक्ट्रॉनिक वेइंग मशीनों को ई-पॉस मशीनों से जोड़ा जा रहा है, जिससे घटतौली की संभावना समाप्त होगी। वहीं, ‘मेरा राशन 2.0’ ऐप के माध्यम से लाभार्थी अपने राशन कोटे, नजदीकी दुकान और आधार लिंकिंग की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए राशन कार्ड का आधार से लिंक होना अनिवार्य होगा।






