जामताड़ा: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को जामताड़ा जिले के सभी थाना परिसरों में योग को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में जिले के सभी पुलिस पदाधिकारियों, जवानों और कर्मियों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया तथा नियमित रूप से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस बल को शारीरिक रूप से फिट और मानसिक रूप से मजबूत बनाना था।
सुबह आयोजित योग शिविर में पुलिसकर्मियों ने ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन सहित कई महत्वपूर्ण योगासन किए। इसके अलावा अनुलोम-विलोम, कपालभाति और अन्य प्राणायाम का भी अभ्यास कराया गया। अनुशासित माहौल में वर्दीधारी जवानों ने पूरे उत्साह और एकाग्रता के साथ योग किया। इस दौरान स्वास्थ्य विशेषज्ञों और अधिकारियों ने योग के महत्व पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन शांत और कार्यक्षमता बेहतर होती है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि पुलिसकर्मियों को अक्सर तनावपूर्ण परिस्थितियों, लंबी ड्यूटी, रात्रि गश्त और आपातकालीन जिम्मेदारियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में योग मानसिक तनाव को कम करने, एकाग्रता बढ़ाने और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नियमित योग करने से न केवल शारीरिक ऊर्जा बनी रहती है, बल्कि सकारात्मक सोच भी विकसित होती है, जिससे बेहतर पुलिसिंग संभव हो पाती है।
पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों और कर्मियों से अपील की कि योग को केवल 21 जून तक सीमित न रखें, बल्कि प्रतिदिन कम से कम 15 से 20 मिनट योग के लिए अवश्य निकालें। उन्होंने कहा कि स्वस्थ पुलिसकर्मी ही समाज की बेहतर सेवा कर सकते हैं और कानून-व्यवस्था को अधिक प्रभावी ढंग से संभाल सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी पुलिसकर्मियों ने “योग अपनाएंगे, स्वस्थ रहेंगे” तथा “स्वस्थ पुलिसकर्मी, सुरक्षित समाज” का संकल्प दोहराया। जामताड़ा पुलिस का यह आयोजन स्वास्थ्य, अनुशासन और जनसेवा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का संदेश देने वाला रहा।
संवाददाता: संतोष कुमार, जामताड़ा






