पटना : बिहार में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहल की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य के प्रमुख और प्रतिष्ठित महाविद्यालयों में इवनिंग कॉलेज शुरू करने की संभावना पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। उच्च शिक्षा विभाग ने इस संबंध में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजकर चयनित कॉलेजों में इवनिंग कॉलेज संचालन की व्यवहारिकता का आकलन कराने का अनुरोध किया है।
उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि बिहार के कई प्रमुख कॉलेज गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उत्कृष्ट शैक्षणिक परंपरा के लिए जाने जाते हैं। इन संस्थानों में उपलब्ध भवन, कक्षाएं, पुस्तकालय और अन्य संसाधनों का बेहतर उपयोग कर अधिक से अधिक विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। इसी उद्देश्य से इवनिंग कॉलेज शुरू करने पर विचार किया जा रहा है।
इस पहल का सबसे बड़ा लाभ उन छात्रों को मिलेगा जो किसी कारणवश नियमित समय में कॉलेज नहीं जा पाते हैं। नौकरीपेशा युवा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थी तथा अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में जुड़े छात्र शाम के समय पढ़ाई कर उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। विभाग का मानना है कि इससे राज्य में उच्च शिक्षा में नामांकन बढ़ेगा और सकल नामांकन अनुपात में भी सुधार होगा।
इवनिंग कॉलेज के लिए जिन संस्थानों को चिन्हित किया गया है, उनमें पटना के पटना साइंस कॉलेज, एएन कॉलेज, बीएन कॉलेज, मगध महिला कॉलेज, कॉलेज ऑफ कॉमर्स और जेडी विमेंस कॉलेज शामिल हैं। इसके अलावा मोतिहारी का एमएस कॉलेज, मुजफ्फरपुर का एलएस कॉलेज, भागलपुर का टीएनबी कॉलेज और दरभंगा का सीएम साइंस कॉलेज भी प्रस्तावित सूची में शामिल किए गए हैं।
उच्च शिक्षा विभाग ने संबंधित संस्थानों में उपलब्ध शिक्षकों, कक्षाओं और अन्य संसाधनों की समीक्षा कर रिपोर्ट देने को कहा है। फिलहाल इस प्रस्ताव पर लोकभवन की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
यदि यह योजना लागू होती है तो बिहार के हजारों विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित कॉलेजों में पढ़ने का अवसर मिलेगा और राज्य में उच्च शिक्षा का दायरा पहले से कहीं अधिक व्यापक हो सकेगा।






