पटना: बिहार की चर्चित पूर्व आईपीएस अधिकारी काम्या मिश्रा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनकी पुलिस सेवा नहीं, बल्कि राजनीति में संभावित एंट्री को लेकर शुरू हुई चर्चा है। दरअसल, काम्या मिश्रा ने जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की। इस मुलाकात की तस्वीर संजय झा ने भी साझा की। इसके बाद से ही बिहार के सियासी गलियारों में काम्या मिश्रा के राजनीति में आने की अटकलें तेज हो गई हैं।
हालांकि, अभी तक काम्या मिश्रा की ओर से राजनीति में आने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इससे पहले जब उन्होंने आईपीएस की नौकरी से इस्तीफा दिया था, तब भी उनके राजनीतिक सफर शुरू करने की चर्चा हुई थी। लेकिन उस वक्त उन्होंने राजनीति में आने से इनकार किया था।
काम्या मिश्रा मूल रूप से ओडिशा की रहने वाली हैं। उन्होंने 2019 में यूपीएससी परीक्षा पास की थी और महज 22 साल की उम्र में आईपीएस अधिकारी बन गई थीं। शुरुआत में उन्हें हिमाचल प्रदेश कैडर मिला, लेकिन बाद में उनका कैडर बदलकर बिहार कर दिया गया। बिहार में करीब छह साल तक सेवा देने के बाद 28 साल की उम्र में उन्होंने इस्तीफा दे दिया।
दरभंगा ग्रामीण में एसपी और पटना में तैनाती के दौरान उनकी कार्यशैली को लेकर काफी चर्चा हुई। इसी दौरान उन्हें ‘लेडी सिंघम’ के नाम से भी पहचान मिली। उनके पति अवधेश दीक्षित भी आईपीएस अधिकारी हैं। दोनों की शादी 2021 में हुई थी।
पहले भी कई आईपीएस अधिकारी आजमा चुके हैं राजनीति में किस्मत
बिहार में काम्या मिश्रा पहली आईपीएस अधिकारी नहीं हैं, जिनके राजनीति में आने की चर्चा हो रही है। इससे पहले शिवदीप लांडे ने नौकरी छोड़कर अपनी राजनीतिक पार्टी बनाई और 2025 के विधानसभा चुनाव में कई सीटों पर उम्मीदवार उतारे, हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिली।
वहीं, आनंद मिश्रा ने 2024 में लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। इसके बाद बीजेपी में शामिल होकर 2025 में विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। पूर्व आईपीएस सुनील कुमार भी राजनीति में आए और फिलहाल जेडीयू कोटे से ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री हैं।
इसके अलावा पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने 2020 में वीआरएस लेकर जेडीयू का दामन थामा था, लेकिन चुनावी राजनीति में उन्हें सफलता नहीं मिली। पूर्व डीजीपी डीपी ओझा ने भी सेवानिवृत्ति के बाद राजनीति में कदम रखा था।
ऐसे में अब सवाल है कि क्या काम्या मिश्रा भी राजनीति में अपनी नई पारी शुरू करेंगी या फिर संजय झा से उनकी मुलाकात महज एक औपचारिक मुलाकात थी?





