पटना: लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर राजधानी पटना में तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार नगर निगम की ओर से सिर्फ गंगा घाटों की सफाई और व्यवस्था पर ही नहीं, बल्कि घाटों तक पहुंचने वाले रास्तों को भी आकर्षक बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए पटना नगर निगम ने कायाकल्प अभियान के तहत पहुंच पथों के सौंदर्यीकरण का काम शुरू कराया है। सड़कों के किनारे बनी दीवारों पर छठ महापर्व और स्वच्छता की थीम पर आकर्षक चित्रकारी की जा रही है।
इस अभियान की शुरुआत कृष्णा घाट से की गई है। यहां दीवारों पर छठ से जुड़े पारंपरिक दृश्य उकेरे जा रहे हैं। इन चित्रों के माध्यम से छठ की संस्कृति, परंपरा और लोक आस्था को प्रदर्शित किया जा रहा है। इसके साथ ही लोगों को स्वच्छता का संदेश भी दिया जा रहा है। कृष्णा घाट के बाद गांधी घाट, एनआईटी घाट समेत शहर के अन्य प्रमुख गंगा घाटों तक जाने वाले रास्तों का भी इसी तरह सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
दरअसल, छठ महापर्व के दौरान पटना के गंगा घाटों पर बिहार के अलग-अलग जिलों के अलावा दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में नगर निगम की कोशिश है कि श्रद्धालुओं को घाटों के साथ-साथ वहां तक पहुंचने वाले रास्तों पर भी साफ-सफाई और सुंदरता का बेहतर अनुभव मिले।
खास बात यह है कि इस अभियान में शहर के युवाओं और स्थानीय कलाकारों को भी शामिल किया गया है। नगर आयुक्त यशपाल मीणा की पहल पर पटना आर्ट्स कॉलेज के छात्र-छात्राओं की टीम दीवारों पर अपनी कलात्मक प्रतिभा दिखा रही है। इससे युवाओं को शहर के सौंदर्यीकरण में योगदान देने का मौका मिल रहा है।
नगर निगम का उद्देश्य आस्था, कला और स्वच्छता को एक साथ जोड़ना है। निगम की कोशिश है कि छठ के दौरान राजधानी आने वाले श्रद्धालुओं को शहर की सांस्कृतिक विरासत और स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश मिले। ऐसे में इस पहल से जहां गंगा घाटों तक जाने वाले रास्तों की खूबसूरती बढ़ेगी, वहीं पटना की सांस्कृतिक पहचान भी रंगों के जरिए नजर आएगी।





