भागलपुर की बेटी वंशिका विराज का कमाल, 20 साल की उम्र में इंडिगो के कैडेट पायलट प्रोग्राम में चयन

भागलपुर: बिहार के भागलपुर की बेटी वंशिका विराज ने अपनी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के दम पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। महज 20 साल की उम्र में वंशिका का चयन इंडिगो एयरलाइंस के प्रतिष्ठित कैडेट पायलट प्रोग्राम में हुआ है। खास बात यह है कि चयन के अंतिम चरण में बिहार से जगह बनाने वाली वह इकलौती अभ्यर्थी हैं। उनकी इस कामयाबी से परिवार के साथ पूरे भागलपुर और बिहार में खुशी का माहौल है।

वंशिका भागलपुर के घोघा निवासी विश्वजीत सिंह की बेटी हैं। इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने विमानन क्षेत्र में अपना करियर बनाने का फैसला किया। इसके लिए वह केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम पहुंचीं, जहां उन्होंने विमानन से जुड़ी पढ़ाई की और डीजीसीए के निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार फ्लाइट ट्रेनिंग की बारीकियां सीखीं।

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पांच चरणों की परीक्षा पास कर हासिल किया मुकाम

इंडिगो के कैडेट पायलट प्रोग्राम में चयन की प्रक्रिया काफी कठिन थी। वंशिका को एप्टीट्यूड टेस्ट, इंटरव्यू, ग्रुप डिस्कशन और मेडिकल जांच समेत पांच चरणों से गुजरना पड़ा। अपनी लगातार मेहनत और तैयारी के दम पर उन्होंने सभी पड़ाव पार किए। अंतिम रूप से चयनित 10 अभ्यर्थियों में वंशिका ने भी जगह बनाई।

अब उनके प्रशिक्षण का अगला पड़ाव फिलीपींस होगा। वहां उन्हें करीब 200 घंटे की उड़ान ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद भारत लौटकर निर्धारित प्रशिक्षण प्रक्रिया पूरी करनी होगी। सभी चरण सफलतापूर्वक पूरे होने के बाद वह कमर्शियल विमान उड़ाने की दिशा में आगे बढ़ेंगी।

मां को दिया अपनी सफलता का श्रेय

वंशिका ने बताया कि इस सफर में उन्हें कई सामाजिक चुनौतियों और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा। दिल्ली में बिहारी होने के कारण कई बार नकारात्मक टिप्पणियां भी सुननी पड़ीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। वंशिका ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय मां को देते हुए कहा कि जब सभी उनके फैसले के खिलाफ थे, तब मां ने ही उनका हौसला बढ़ाया और साथ दिया।

वहीं, पिता विश्वजीत सिंह ने बताया कि उनकी इच्छा थी कि बेटी डॉक्टर बने, लेकिन वंशिका ने एविएशन क्षेत्र को अपना करियर चुना। आज बेटी की उपलब्धि पर पूरे परिवार को गर्व है। घोघा जैसे छोटे कस्बे से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उड़ान प्रशिक्षण तक पहुंचने वाली वंशिका की कहानी बिहार की बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई है।

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