बिहार के नवादा में ई-रिक्शा की बैटरी चोरी होने के बाद चोर का पता लगाने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाया गया। टोटो मालिक ने पुलिस के पास जाने के साथ-साथ तांत्रिक का सहारा लिया और मंत्रोच्चार के जरिए कटोरा उड़ाने की प्रक्रिया शुरू कराई। करीब आठ घंटे तक चली इस प्रक्रिया को देखने के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। हालांकि, इस तरीके से चोर की पहचान होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। अब पीड़ित ने थाने में आवेदन देकर पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
पूरा मामला नवादा जिले के नारदीगंज थाना क्षेत्र के कहुआरा गांव का है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार की रात रविन्द्र महतो रोज की तरह टोटो चलाकर घर लौटे और उसे घर के पास खड़ा कर सोने चले गए। बुधवार सुबह जब उनकी नींद खुली तो टोटो गायब था। खोजबीन के दौरान करीब 100 मीटर दूर पइन के किनारे टोटो मिला, लेकिन उसकी बैटरी चोरी हो चुकी थी।
इसके बाद रविन्द्र महतो ने चोर का पता लगाने के लिए असाढ़ी गांव के करीब 70 वर्षीय मन्ना बाबा को बुलाया। तांत्रिक ने मंत्रोच्चार के साथ पीतल का कटोरा चलाने की प्रक्रिया शुरू की। ग्रामीण भाषा में इसे कटोरा उड़ाना कहा जाता है।
बुधवार सुबह करीब 10 बजे शुरू हुई यह प्रक्रिया शाम 6 बजे तक चली। दावा किया गया कि कटोरा जमीन पर रेंगते हुए कहुआरा गांव से नारदीगंज बाजार तक पहुंचा। इस अनोखे नजारे को देखने के लिए रास्ते में हजारों लोगों की भीड़ जमा हो गई। हालांकि, बाद में किसी कारणवश प्रक्रिया रोक दी गई।
ग्रामीणों के मुताबिक, इससे पहले भी गांव में घड़ी चोरी होने पर ऐसी प्रक्रिया कराई गई थी। स्थानीय चर्चा के अनुसार, इसके लिए तांत्रिक करीब तीन हजार रुपये तक शुल्क लेते हैं। पूजा सामग्री का खर्च अलग होता है।
इधर, पीड़ित रविन्द्र महतो और उनकी पत्नी ने बुधवार सुबह नारदीगंज थाने में लिखित आवेदन दिया है। पुलिस ने आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है। अब देखना होगा कि पुलिस चोरी हुई बैटरी बरामद कर पाती है या नहीं।






