जनसुराज के सूत्रधार एवं बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर मंगलवार को बेगूसराय में आयोजित जनसुराज कार्यकर्ता कार्यशाला में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने बिहार की राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की शैक्षणिक योग्यता से लेकर मधुबनी की घटना, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और भाजपा में बागी सदस्यों के शामिल होने तक कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
**सीएम सम्राट चौधरी पर साधा निशाना**
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर सातवां फेल व्यक्ति बिहार का मुख्यमंत्री बनेगा तो वह अपराध की नई परिभाषा ही बताएगा। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बच्चों के भविष्य को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उनके इस बयान से बिहार की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज होने की संभावना है।
**मधुबनी मामले में एएसआई की गिरफ्तारी की मांग**
मधुबनी में एएसआई से जुड़ी घटना पर प्रशांत किशोर ने कहा कि जनसुराज पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है। उन्होंने आरोपी एएसआई की गिरफ्तारी और उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो जनसुराज इस मुद्दे पर सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी।
**गिरिराज सिंह से जनता मांगेगी विकास का हिसाब**
बेगूसराय के सांसद एवं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह पर भी उन्होंने सवाल उठाए। वीरपुर प्रखंड के पादरा इलाके की जर्जर सड़क और गड्ढों को लेकर वायरल वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि जनता ने उन्हें सांसद और केंद्रीय मंत्री बनाया है, इसलिए विकास कार्यों का हिसाब मांगना उसका अधिकार है।
**भाजपा में बागी सदस्यों के शामिल होने पर कानूनी लड़ाई के संकेत**
भाजपा में बागी सदस्यों के शामिल होने के मामले पर प्रशांत किशोर ने संवैधानिक प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि फिलहाल विधान परिषद के सभापति के फैसले का इंतजार है। यदि फैसला संतोषजनक नहीं हुआ तो जनसुराज उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी।
कार्यशाला के दौरान प्रशांत किशोर ने कार्यकर्ताओं से पंचायत स्तर तक संगठन मजबूत करने का आह्वान भी किया। उनके इस दौरे ने बेगूसराय में संगठनात्मक गतिविधियों के साथ बिहार की राजनीति में भी नई चर्चा शुरू कर दी है।





