पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव बुधवार को धनबाद पहुंचे, जहां उन्होंने बारामुड़ी खटाल मामले को लेकर यादव समाज सहित वहां रहने वाले सभी वर्गों के लोगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गरीबों के आशियाने को उजाड़ने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जरूरत पड़ी तो आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
**खटाल के मुद्दे पर सरकार को दी चेतावनी**
पप्पू यादव ने कहा कि बारामुड़ी खटाल में सिर्फ यादव समाज के लोग नहीं, बल्कि एससी, एसटी, ईबीसी, दलित, अल्पसंख्यक और अन्य पिछड़े वर्गों के लोग भी रहते हैं। करीब 25 साल पहले सरकारी नीति के तहत लोगों को यहां बसाया गया था। अब उन्हें हटाने की कोशिश गरीबों के अधिकारों पर हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि खटाल की जमीन पर माफियाओं की नजर है और कुछ अधिकारी उनके हित में काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पूरे मामले से अवगत करा दिया गया है और सरकार इसे गंभीरता से ले रही है।
**बिहार की कानून व्यवस्था पर निशाना**
बिहार में बढ़ते अपराध और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी सांसद ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य में कोई भी घर सुरक्षित नहीं है और बेटियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मुख्यमंत्री की गरिमा बनाए रखने की नसीहत देते हुए उन्होंने केंद्र सरकार के शीर्ष नेतृत्व पर भी निशाना साधा।
**धीरेंद्र शास्त्री पर तीखी टिप्पणी**
बागेश्वर धाम के बाबा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर हमला बोलते हुए पप्पू यादव ने उन्हें बीजेपी का प्रायोजित प्रोडक्ट बताया। उन्होंने देश में बाबाओं के लिए कोड ऑफ कंडक्ट यानी आचार संहिता लागू करने की मांग की। उनका कहना था कि जब जनप्रतिनिधियों और अन्य जिम्मेदार पदों के लिए नियम और जवाबदेही तय हैं, तो धार्मिक मंचों से लाखों लोगों को प्रभावित करने वाले बाबाओं के लिए भी नियम होने चाहिए।
अंत में पप्पू यादव ने सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर खटाल बचाने की लड़ाई में साथ आने की अपील की। उनके बयानों के बाद धनबाद का बारामुड़ी खटाल मामला राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन गया है।







