**सर्वे नक्शे में खाता, खेसरा और रकबा सुधारने के नाम पर मांगी थी 10 से 15 हजार रुपये की रिश्वत, शिकायत के बाद निगरानी विभाग ने बिछाया जाल**
**सहरसा।** जिले के सोनवर्षा अंचल की बरैठ पंचायत में पदस्थापित विशेष सर्वेक्षण अमीन को निगरानी विभाग की टीम ने 5 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। मंगलवार, 3 नवंबर को हुई इस कार्रवाई से राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया। गिरफ्तार अमीन की पहचान दीपक राज के रूप में हुई है। निगरानी टीम ने उन्हें सोनवर्षा अंचल के मंगवार स्थित उनके निजी कार्यालय से गिरफ्तार किया।
इस मामले में निगरानी विभाग के डीएसपी अमरेंद्र प्रसाद विद्यार्थी ने सहरसा सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता कर कार्रवाई की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बसनही थाना क्षेत्र के ननौती गांव निवासी प्रभात कुमार ने निगरानी विभाग, पटना में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उनके दादा मिश्री साह पिछले करीब छह वर्षों से सर्वे के नक्शे में खाता, खेसरा और रकबा में सुधार कराने के लिए चक्कर लगा रहे थे। आरोप है कि बरैठ पंचायत के विशेष सर्वेक्षण अमीन दीपक राज लगातार मामले को टाल रहे थे। जब इस संबंध में उनसे बातचीत की गई तो नक्शे में सुधार करने के एवज में 10 से 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई।
इसके बाद प्रभात कुमार ने निगरानी विभाग से इसकी शिकायत की। डीएसपी अमरेंद्र प्रसाद विद्यार्थी के नेतृत्व में 11 सदस्यीय टीम ने मामले की जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की।
डीएसपी के मुताबिक, 14 अक्टूबर को शिकायत दर्ज की गई थी। इसके बाद 2 नवंबर को कांड संख्या 129/26 दर्ज किया गया। वहीं, 3 नवंबर को निगरानी टीम ने सोनवर्षा अंचल के मंगवार में छापेमारी की। यहां दीपक राज किराये के मकान में अपना निजी कार्यालय संचालित कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें 5 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया गया।
निगरानी विभाग की इस कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। फिलहाल आगे की कानूनी प्रक्रिया की जा रही है।





