
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में सोमवार को जामताड़ा अनुमंडल कार्यालय के समक्ष इंडिया गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान ‘वोट बचाओ, नागरिकता बचाओ, देश बचाओ’ के नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की।
धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता सीपीआईएम के प्रभारी जिला सचिव संजय कुमार मेहता ने की। कार्यक्रम में राजद जिलाध्यक्ष दिनेश यादव, प्रधान महासचिव अशोक चौधरी, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष अर्चना यादव, कांग्रेस नेता नंदकिशोर सिंह, सीपीआईएम के राज्य सचिव सुरजीत सिन्हा, चंडी दास पुरी, भाकपा माले के जिला सचिव सुनील राणा और नेता जयप्रकाश मंडल सहित इंडिया गठबंधन के कई नेता एवं कार्यकर्ता शामिल हुए।
धरने को संबोधित करते हुए गठबंधन के नेताओं ने एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाए। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के नाम पर बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। इससे संबंधित लोगों के मतदान के लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित होने की आशंका है।
वक्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निष्पक्षता के बजाय भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया और उनके इस्तीफे की मांग की। नेताओं ने दावा किया कि एसआईआर प्रक्रिया के कारण देशभर में करीब 13 करोड़ लोगों के मताधिकार और नागरिकता से जुड़े अधिकार प्रभावित हुए हैं।
इंडिया गठबंधन के नेताओं ने मांग की कि मतदाता सूची से हटाए गए पात्र मतदाताओं के नामों की दोबारा जांच कर उन्हें सूची में शामिल किया जाए, ताकि कोई भी योग्य नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे।
धरना-प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
**लोकेशन – जामताड़ा, झारखंड**
**संवाददाता – संतोष कुमार**





