झारखंड के पलामू जिले में न्याय तक आम लोगों की पहुंच आसान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने सोमवार को बीएनएस लॉ कॉलेज, पलामू में लीगल एड क्लिनिक का वर्चुअल उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम व्यवहार न्यायालय देवघर से आयोजित किया गया, जिसमें सर्वोच्च न्यायालय और झारखंड उच्च न्यायालय के कई वरिष्ठ न्यायाधीश उपस्थित रहे।
उद्घाटन कार्यक्रम में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एस. चन्द्रशेखर, न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह, झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एवं झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष सुजीत नारायण प्रसाद तथा न्यायमूर्ति रोगोन मुखोपाध्याय की उपस्थिति रही।
इस अवसर पर पलामू जिले के सदर प्रखंड अंतर्गत भुसड़िया स्थित भीष्म नारायण सिंह विधि महाविद्यालय में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व एडीजे सह प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ज्योति शील ने किया।
कार्यक्रम में उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत, पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी, एनपीयू के कुलपति दिनेश कुमार सिंह, सीजेएम मनोरंजन कुमार, एसीजेएम सुशीला सोरेंग, डालसा सचिव सौरभ कुमार गौतम, सिविल जज सीनियर डिवीजन रविशंकर पाण्डेय एवं शम्भू सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा बीएनएस लॉ कॉलेज के प्राचार्य पंकज कुमार, लीगल एड डिफेंस काउंसिल के चीफ अमिताभ चन्द्र सिंह, डिप्टी चीफ संतोष कुमार पांडेय, एलएडीसी के असिस्टेंट वीर विक्रम वक्स राय, पुष्कर राज और कुमारी नीतू सिंह समेत डालसा के सहायक कर्मी, पीएलवी, कॉलेज के शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
लीगल एड क्लिनिक के माध्यम से जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने तथा उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने में मदद मिलेगी। इस पहल से आम नागरिकों को न्यायिक प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त करने और कानूनी समस्याओं के समाधान की दिशा में सहायता मिलने की उम्मीद है।
**लोकेशन – पलामू, झारखंड**
**संवाददाता – सत्यम शुक्ला की रिपोर्ट**





