गया: बिहार में उच्च शिक्षा को नई दिशा देने के उद्देश्य से वर्ष 2009 में शुरू की गई मॉडल डिग्री कॉलेज परियोजना आज 17 साल बाद भी अपने उद्घाटन का इंतजार कर रही है। गया जिले के खिजरसराय प्रखंड स्थित नवडीहा गांव में लगभग 22 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित बिहार का पहला मॉडल डिग्री कॉलेज भवन तैयार होने के बावजूद अब तक छात्रों के लिए नहीं खोला जा सका है।
तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में केंद्र सरकार ने देशभर में मॉडल डिग्री कॉलेज स्थापित करने की योजना शुरू की थी। बिहार में इस योजना के तहत गया के नीमचक बथानी अनुमंडल और पश्चिम चंपारण के बगहा का चयन किया गया था। नवडीहा में करीब 12 एकड़ भूमि पर आधुनिक सुविधाओं से लैस कॉलेज परिसर का निर्माण कराया गया, जिसमें शैक्षणिक भवन, प्रशासनिक ब्लॉक तथा छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग छात्रावास भी बनाए गए हैं।
हालांकि, भूमि अधिग्रहण, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और निर्माण कार्य में देरी के कारण यह परियोजना वर्षों तक फाइलों में उलझी रही। सूत्रों के अनुसार वर्ष 2024 तक अधिकांश निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया, लेकिन अब तक कॉलेज का औपचारिक हैंडओवर और उद्घाटन नहीं हो पाया है। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि निर्माण एजेंसी और विभाग के बीच भुगतान संबंधी विवाद के कारण प्रक्रिया लंबित है।
कॉलेज शुरू नहीं होने से खिजरसराय, नीमचक बथानी, अतरी, मोहड़ा और आसपास के हजारों विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए गया शहर या अन्य जिलों का रुख करना पड़ता है। स्थानीय लोगों और शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह संस्थान शुरू हो जाए तो ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी।
बिहार सरकार जहां सभी प्रखंडों में डिग्री स्तर की शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से काम कर रही है, वहीं 17 वर्ष पुरानी इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर अब भी स्पष्ट रोडमैप सामने नहीं आया है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब भवन पूरी तरह तैयार है, तो आखिर बिहार का पहला मॉडल डिग्री कॉलेज कब खुलेगा?






