सहरसा। बिहार के सहरसा जिले में पुलिसिंग व्यवस्था को बेहतर बनाने और लंबित मामलों के निष्पादन में पुलिसिंग व्यवस्था को बेहतर बनाने और लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाने को लेकर पुलिस प्रशासन सक्रिय है। इसी कड़ी में शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को पुलिस उप-महानिरीक्षक (डीआईजी), कोशी क्षेत्र, सहरसा ने सौरबाजार थाना का निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक, सहरसा और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर भी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने थाना में संधारित विभिन्न पंजियों और संचिकाओं की जांच की। उन्होंने संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को सभी अभिलेखों को व्यवस्थित तरीके से संधारित करने और नियमित रूप से अद्यतन रखने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि थाने में रखे जाने वाले सरकारी दस्तावेजों और अभिलेखों का रखरखाव सही तरीके से होना चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर किसी भी मामले से संबंधित जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सके।
इसके बाद थाना में लंबित कांडों की समीक्षा की गई। समीक्षा के क्रम में अगले महीने के लिए मामलों के निष्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया। डीआईजी ने सौरबाजार थाना में पदस्थापित सभी अनुसंधानकर्ताओं को प्रत्येक माह कम से कम 10 कांडों का निष्पादन करने का निर्देश दिया। साथ ही लंबे समय से लंबित पुराने मामलों और शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करने को कहा।
निरीक्षण के दौरान पुलिस भवनों की स्थिति का भी जायजा लिया गया। डीआईजी ने थाना परिसर को साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखने का निर्देश दिया। इसके अलावा थाने में कार्यरत पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों के कार्यों का मूल्यांकन करते हुए उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
डीआईजी ने उपस्थित पुलिस पदाधिकारियों को आम जनता के प्रति संवेदनशील रहने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि थाने में आने वाले लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनें और उनके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करें।
इस निरीक्षण का उद्देश्य पुलिस व्यवस्था में अनुशासन, कार्यक्षमता और जवाबदेही बढ़ाने के साथ लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन को सुनिश्चित करना है।





