सहरसा। बिहार के सहरसा में सड़क निर्माण कार्य में देरी से आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। अंबेडकर चौक से बैंगहा होते हुए कहरा कुटी चौक तक सड़क को उखाड़कर छोड़ दिए जाने के कारण पिछले करीब दो महीने से राहगीरों और वाहन चालकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर उड़ती धूल, गड्ढों और असमतल सतह के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। स्थानीय दुकानदारों और निवासियों में भी निर्माण कार्य की धीमी गति को लेकर नाराजगी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण शुरू करने के बाद काम को बीच में छोड़ देना परेशानी का कारण बन गया है। त्योहार के दौरान भी लोगों को इसी बदहाल सड़क से गुजरना पड़ा। धूल के कारण दुकानदारों और राहगीरों को दिक्कत हो रही है, जबकि दोपहिया वाहन चालकों के लिए आवागमन जोखिम भरा बना हुआ है। लोगों ने संबंधित विभाग से जल्द निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग की है।
करीब 14 करोड़ रुपये से सड़क का होगा चौड़ीकरण
जानकारी के अनुसार, बाबा की कुटी चौक (एनएच-107) से भीमराव अंबेडकर चौक, बैंगहा होते हुए जाने वाली करीब 3.775 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण और चौड़ीकरण होना है। वर्तमान में सड़क की चौड़ाई लगभग 3.5 से 3.57 मीटर है, जिसे बढ़ाकर सात मीटर करने की योजना है। परियोजना के तहत जीएसबी, डब्ल्यूएमएम और बिटुमिनस सहित अन्य निर्माण कार्य किए जाने हैं। इस योजना पर करीब 14 करोड़ रुपये खर्च होने की जानकारी दी गई है।
सड़क का शिलान्यास पांच अक्टूबर 2025 को बिहार सरकार के तत्कालीन पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने किया था। इस मौके पर सांसद दिनेश चंद्र यादव, पूर्व विधायक आलोक रंजन और एमएलसी अजय कुमार सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
मशीन खराब होने से काम में देरी
निर्माण कार्य में देरी पर संबंधित अधिकारी गणेश दास ने बताया कि स्क्रैपिंग मशीन खराब होने के कारण काम बाधित हुआ था। उन्होंने आश्वासन दिया कि सड़क निर्माण अगले छह महीने के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। वहीं, सड़क किनारे लगे बिजली के खंभों की शिफ्टिंग के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह काम भी जल्द पूरा कराया जाएगा।
लोगों को निर्माण पूरा होने का इंतजार
सड़क की बदहाली के कारण स्थानीय लोगों को प्रतिदिन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अब लोगों की निगाहें विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं। देखना होगा कि निर्माण कार्य में तेजी कब आती है और लोगों को धूल, गड्ढों तथा दुर्घटनाओं के खतरे से कब राहत मिलती है।






