बिहार के सहरसा रेलवे स्टेशन पर उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब पटना से इलाज कराकर घर लौट रहे पांडू कुमार अचेत अवस्था में मिले। घटना की जानकारी मिलते ही रेल पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए रेलवे में तैनात चिकित्सक को मौके पर बुलाया। चिकित्सक ने जांच के बाद पांडू कुमार को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद रेल पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू करते हुए मामले की छानबीन की।
जानकारी के अनुसार, पांडू कुमार पटना में इलाज कराने के बाद वापस अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान सहरसा रेलवे स्टेशन पर वह अचेत अवस्था में पाए गए। जब रेल पुलिस को इसकी सूचना मिली, तो पुलिसकर्मियों ने तत्काल रेलवे के चिकित्सक को बुलाया। चिकित्सक ने उनकी जांच की, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मृतक की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू की।
छानबीन के दौरान पुलिस को पांडू कुमार के पास से आधार कार्ड मिला। आधार कार्ड में उपलब्ध जानकारी के आधार पर पुलिस ने उनके परिजनों का संपर्क नंबर प्राप्त किया और उनकी पत्नी मीरा देवी को फोन कर घटना की जानकारी दी। अचानक मिली इस सूचना से परिवार में चिंता और दुख का माहौल बन गया।
फोन पर बातचीत के दौरान पत्नी मीरा देवी ने बताया कि उनके पति इलाज कराने के लिए पटना गए हुए थे। इलाज के बाद वह वहां से घर लौट रहे थे, लेकिन इसी दौरान यह दुखद घटना हो गई। पत्नी ने आशंका जताई कि उनके पति की मौत हार्ट अटैक के कारण हुई होगी। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।
रेल पुलिस ने घटना की जानकारी स्थानीय थाना को भी दे दी है। फिलहाल पुलिस आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में जुटी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल मामले में सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।






