गयाजी: बिहार के गयाजी जिले के दरियापुर स्थित दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय में सोमवार को पांचवें दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार शामिल हुए। इस दौरान शैक्षणिक उत्कृष्टता हासिल करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। समारोह में कुल 1662 छात्र-छात्राओं को डिग्री प्रदान की गई, जबकि 61 विद्यार्थियों के बीच 95 गोल्ड मेडल बांटे गए।
अनुशासन, धैर्य और मेहनत से मिलेगी सफलता
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने विद्यार्थियों को जीवन में सफलता हासिल करने के लिए अनुशासन, धैर्य और दृढ़ता के साथ निरंतर मेहनत करने का संदेश दिया। उन्होंने छात्रों से अपने शिक्षकों और माता-पिता का सम्मान करने तथा अपनी खुशियां दूसरों के साथ साझा करने की अपील की। राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझना भी है।
गुरु-शिष्य परंपरा का किया जिक्र
राज्यपाल ने गुरु-शिष्य के संबंध को भारत की गौरवशाली परंपरा बताया। उन्होंने कहा कि आज भी वह अपने शिक्षकों के पैर छूते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान बनाए रखने की अपील की। साथ ही, दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों और विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विश्वविद्यालय के शिक्षकों के योगदान के लिए उनका आभार भी जताया।
सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की अपील
राज्यपाल ने युवाओं से सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने टीबी-मुक्त बिहार के लक्ष्य में योगदान देने, कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाने और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी शिक्षा और क्षमताओं का इस्तेमाल समाज की बेहतरी के लिए करना चाहिए।
समारोह के दौरान विद्यार्थियों की उपलब्धियों पर पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए उनकी शैक्षणिक यात्रा की उपलब्धियों और भविष्य की जिम्मेदारियों को समझने का अवसर बना।






