पटना: बिहार में मुख्यमंत्री कुशल युवा प्रोग्राम यानी KYP के तहत संचालित केंद्रों के बंद होने के विरोध में सोमवार को सैकड़ों केंद्र संचालकों ने पटना में प्रदर्शन किया। अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शनकारी पहले कई घंटों तक नियोजन भवन के बाहर डटे रहे। इसके बाद इनकम टैक्स चौराहे से होते हुए बीजेपी कार्यालय पहुंचे और वहां जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से बंद पड़े सभी KYP केंद्रों को जल्द से जल्द चालू कराने की मांग की।
नौ महीने से बंद हैं KYP सेंटर
प्रदर्शन कर रहे केंद्र संचालकों का कहना है कि बिहार में पिछले नौ महीने से KYP सेंटर बंद पड़े हैं। इसके कारण युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया पूरी तरह प्रभावित हो रही है। इन केंद्रों के माध्यम से युवाओं को विभिन्न प्रकार के कौशल का प्रशिक्षण देकर रोजगार के योग्य बनाने का प्रयास किया जाता था। लेकिन लंबे समय से केंद्र बंद रहने के कारण युवाओं को प्रशिक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
संचालकों का आरोप है कि केंद्रों को बंद करने के संबंध में उन्हें कोई स्पष्ट सूचना नहीं दी गई। अचानक संचालन बंद होने से उनके सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।
मांग पूरी होने तक आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन में शामिल मुकेश कुमार दुबे ने बताया कि मुख्यमंत्री कुशल युवा प्रोग्राम के तहत संचालित सभी केंद्र पिछले नौ महीने से बंद हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र संचालकों को बंदी के संबंध में कोई सूचना नहीं दी गई, जिससे उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने मांग की कि सरकार तत्काल हस्तक्षेप करे और सभी केंद्रों को दोबारा शुरू कराने के लिए ठोस कदम उठाए। संचालकों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं और उन्हें ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
युवाओं के प्रशिक्षण पर असर
केंद्र संचालकों के मुताबिक, KYP का उद्देश्य युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करना है। ऐसे में केंद्रों का लंबे समय तक बंद रहना युवाओं के हितों को प्रभावित कर रहा है।
फिलहाल प्रदर्शनकारियों की नजर सरकार और संबंधित विभाग के अगले कदम पर टिकी है। अब देखना होगा कि सरकार बंद पड़े KYP केंद्रों को दोबारा चालू कराने के लिए क्या निर्णय लेती है।






