भागलपुर।
भागलपुर में दुर्गा पूजा, दशहरा और काली पूजा को लेकर ट्रैफिक पुलिस अलर्ट मोड में है। त्योहारों के दौरान शहर की सड़कों पर श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ और यातायात के दबाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पूजा पंडालों, बाजारों और प्रमुख चौक-चौराहों पर यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के साथ आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती होगी। इसी को लेकर कोतवाली थाना परिसर में ट्रैफिक डीएसपी ने ट्रैफिक जवानों को विशेष दिशा-निर्देश दिए और सुरक्षा के साथ भीड़ नियंत्रण के जरूरी टिप्स समझाए।
त्योहारों के दौरान सड़कों पर उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करना और यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखना ट्रैफिक पुलिस की अहम जिम्मेदारी होती है। ऐसे में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जवानों को पहले से तैयार किया जा रहा है। कोतवाली थाना परिसर में आयोजित प्रशिक्षण के दौरान ट्रैफिक डीएसपी ने जवानों को ड्यूटी के दौरान सतर्कता बरतने और परिस्थितियों के अनुसार त्वरित निर्णय लेने के निर्देश दिए।
प्रशिक्षण के दौरान जवानों को बताया गया कि त्योहारों के समय पूजा पंडालों और बाजारों के आसपास लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में यातायात को नियंत्रित रखना और भीड़ के बीच व्यवस्था बनाए रखना बेहद जरूरी है। ट्रैफिक जवानों को समझाया गया कि यदि किसी स्थान पर यातायात बाधित होता है, तो तत्काल स्थिति का आकलन कर उसे व्यवस्थित करने की दिशा में कार्रवाई करें।
इसके साथ ही, भीड़ के दबाव के बीच संयम बनाए रखने और जिम्मेदारी के साथ ड्यूटी निभाने पर भी जोर दिया गया। पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया गया कि वे आपसी समन्वय और सतर्कता के साथ काम करें, ताकि श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को आवागमन में किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
दुर्गा पूजा, दशहरा और काली पूजा के दौरान शहर के प्रमुख स्थानों पर यातायात का दबाव बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस की तैयारी और जवानों की मुस्तैदी व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगी।
फिलहाल, ट्रैफिक पुलिस का मुख्य उद्देश्य त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना और शहर में यातायात को सुचारु रखना है। अब देखना होगा कि प्रशिक्षण के दौरान दिए गए दिशा-निर्देश त्योहारों के दौरान जमीन पर कितने प्रभावी साबित होते हैं।






