सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड अंतर्गत बकुनिया पंचायत से कोशी नदी के कटाव की भयावह तस्वीर सामने आ रही है। नदी का कटाव लगातार जारी रहने से स्थानीय ग्रामीणों के बीच दहशत और चिंता का माहौल है। ग्रामीणों का दावा है कि कटाव के कारण सैकड़ों घर नदी में समा चुके हैं, जबकि कई अन्य घरों पर भी खतरा मंडरा रहा है। जिंदगी भर की कमाई से बनाए गए आशियानों को उजड़ता देख ग्रामीणों के सामने अब अपने परिवार को सुरक्षित रखने की चुनौती खड़ी हो गई है। ऐसे में लोग संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से जल्द कटाव निरोधक कार्य शुरू कराने की मांग कर रहे हैं।
कोशी नदी का लगातार जारी कटाव बकुनिया पंचायत के ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बना हुआ है। नदी की धारा धीरे-धीरे लोगों की जमीन और घरों को अपने आगोश में ले रही है। ग्रामीणों के अनुसार, कटाव के कारण अब तक सैकड़ों घर नदी में विलीन हो चुके हैं। वहीं, कई परिवारों को अपने बचे हुए आशियानों की चिंता सता रही है।
जिस घर को बनाने में लोगों ने अपनी जिंदगी भर की कमाई लगा दी, आज उसी घर के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है। वर्षों से जिस जमीन पर परिवारों की जिंदगी बसी थी, वहां अब कोशी नदी का कटाव लगातार खतरा पैदा कर रहा है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को अपने परिवार और बच्चों के भविष्य की चिंता सताने लगी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कटाव की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। इसके बावजूद ग्रामीणों को अब तक प्रभावी कटाव निरोधक कार्य शुरू होने का इंतजार है। लोगों को आशंका है कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भयावह हो सकती है।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से जल्द से जल्द कटाव निरोधक कार्य शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि नदी के कटाव को रोका जा सके और बचे हुए घरों तथा आबादी को सुरक्षित किया जा सके।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि बकुनिया पंचायत के ग्रामीणों की पुकार पर प्रशासन कब कार्रवाई करेगा? क्या समय रहते कटाव रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे, या ग्रामीणों को अपने आशियाने उजड़ते देखने की मजबूरी झेलनी पड़ेगी?
सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड अंतर्गत बकुनिया पंचायत से कोशी नदी के कटाव की भयावह तस्वीर सामने आ रही है। नदी का कटाव लगातार जारी रहने से स्थानीय ग्रामीणों के बीच दहशत और चिंता का माहौल है। ग्रामीणों का दावा है कि कटाव के कारण सैकड़ों घर नदी में समा चुके हैं, जबकि कई अन्य घरों पर भी खतरा मंडरा रहा है। जिंदगी भर की कमाई से बनाए गए आशियानों को उजड़ता देख ग्रामीणों के सामने अब अपने परिवार को सुरक्षित रखने की चुनौती खड़ी हो गई है। ऐसे में लोग संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से जल्द कटाव निरोधक कार्य शुरू कराने की मांग कर रहे हैं।
कोशी नदी का लगातार जारी कटाव बकुनिया पंचायत के ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बना हुआ है। नदी की धारा धीरे-धीरे लोगों की जमीन और घरों को अपने आगोश में ले रही है। ग्रामीणों के अनुसार, कटाव के कारण अब तक सैकड़ों घर नदी में विलीन हो चुके हैं। वहीं, कई परिवारों को अपने बचे हुए आशियानों की चिंता सता रही है।
जिस घर को बनाने में लोगों ने अपनी जिंदगी भर की कमाई लगा दी, आज उसी घर के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है। वर्षों से जिस जमीन पर परिवारों की जिंदगी बसी थी, वहां अब कोशी नदी का कटाव लगातार खतरा पैदा कर रहा है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को अपने परिवार और बच्चों के भविष्य की चिंता सताने लगी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कटाव की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। इसके बावजूद ग्रामीणों को अब तक प्रभावी कटाव निरोधक कार्य शुरू होने का इंतजार है। लोगों को आशंका है कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भयावह हो सकती है।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से जल्द से जल्द कटाव निरोधक कार्य शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि नदी के कटाव को रोका जा सके और बचे हुए घरों तथा आबादी को सुरक्षित किया जा सके।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि बकुनिया पंचायत के ग्रामीणों की पुकार पर प्रशासन कब कार्रवाई करेगा? क्या समय रहते कटाव रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे, या ग्रामीणों को अपने आशियाने उजड़ते देखने की मजबूरी झेलनी पड़ेगी?






