सीतामढ़ी: स्कूल निरीक्षण के दौरान अधिकारी आमतौर पर व्यवस्थाओं और सुविधाओं का जायजा लेते हैं, लेकिन सीतामढ़ी के डीएम तनय सुल्तानिया का अंदाज कुछ अलग नजर आया। बाजपट्टी स्थित सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल) के निरीक्षण के दौरान डीएम सीधे बच्चों के बीच पहुंच गए। उन्होंने छात्रों के साथ बेंच पर बैठकर पढ़ाई का हाल जाना और छात्राओं के बीच फर्श पर बैठकर उनकी कॉपियां और ड्रॉइंग भी देखीं।
कक्षा में बच्चों के बीच बैठकर डीएम ने उनसे पढ़ाई को लेकर बातचीत की। उन्होंने पूछा कि उन्हें कौन-सा विषय पसंद है, शिक्षक किस तरह पढ़ाते हैं और पढ़ाई के दौरान किसी तरह की परेशानी तो नहीं होती। डीएम ने बच्चों से कहा कि मन में आने वाले सवालों को पूछने में संकोच नहीं करना चाहिए। उन्होंने जिज्ञासा को सीखने की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया और बच्चों को अपनी रुचि और प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
निरीक्षण के दौरान डीएम छात्राओं के बीच भी पहुंचे। कुछ छात्राएं अपनी कॉपियों में ड्रॉइंग बना रही थीं। डीएम उनके पास फर्श पर बैठ गए और कॉपियां देखकर छात्राओं से उनकी बनाई तस्वीरों के बारे में जानकारी ली। उनके इस सहज व्यवहार से छात्राएं भी उत्साहित नजर आईं।
डीएम ने कहा कि सीखने की प्रक्रिया केवल किताबों तक सीमित नहीं है। बच्चों में सवाल पूछने और अपनी बात खुलकर रखने की आदत होनी चाहिए।
बच्चों से संवाद के अलावा डीएम ने स्कूल की शैक्षणिक सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने स्मार्ट क्लास, विज्ञान प्रयोगशाला, पुस्तकालय और डिजिटल शिक्षण व्यवस्था का जायजा लिया। डीएम ने उपलब्ध संसाधनों के इस्तेमाल और उनसे बच्चों को मिल रहे लाभ की जानकारी भी ली।
स्कूल निरीक्षण के दौरान डीएम का बच्चों के बीच बैठकर बातचीत करना खास चर्चा का विषय रहा। बेंच पर बैठकर छात्रों से पढ़ाई का हाल पूछने से लेकर फर्श पर बैठकर छात्राओं की ड्रॉइंग देखने तक, उनका यह सहज अंदाज बच्चों के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहा।






