सहरसा। खेल के महाकुंभ के तहत आयोजित SGFI जिला कराटे चैंपियनशिप में सहरसा के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। 28 सितंबर से 1 अक्टूबर तक चले खेल आयोजन के अंतिम दिन कराटे प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के विभिन्न विद्यालयों से कुल 82 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। खिलाड़ियों ने अलग-अलग आयु और भार वर्ग में उत्साह, अनुशासन और खेल भावना के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी अब प्रामंडल स्तरीय प्रतियोगिता में सहरसा का प्रतिनिधित्व करेंगे। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार कराटे प्रतियोगिता में खिलाड़ियों की भागीदारी भी बढ़ी है, जिसे जिले में कराटे के प्रति बढ़ते रुझान के रूप में देखा जा रहा है।
अंडर-14 बालक वर्ग में मानस कृष्ण, अर्णव कुमार, रितिक कुमार सिंह, सैयद हबीब अब्बास, सुमित कुमार, हार्दिक लव, जयंत कुमार, सुशांत कुमार और रितिक शुभम ने स्वर्ण पदक हासिल किया। बालिका वर्ग में नैंसी प्रिया, नव्या आनंद, नैना राज, अनन्या भट्ट, सार्या और मिष्टी कुमारी स्वर्ण पदक विजेता रहीं।
अंडर-17 बालिका वर्ग में चित्राक्षी चांदरी, वैष्णवी सिंह, ब्यूटी कुमारी, आयत, अविका कुमारी, सिद्धिवत, सांची और श्रेयशी मुखर्जी ने स्वर्ण पदक जीता। बालक वर्ग में अमरजीत कुमार, ध्रुव कुमार, मो. इनताज, कौशिक आर्य, कृष्ण कुमार, प्रिंस कुमार, रितिक कुमार, विनायक कुमार गुप्ता और निशांत सुतिहार ने स्वर्ण पदक हासिल किया।
अंडर-19 बालक वर्ग में सानिध्य सिंह, सुजीत कुमार, रौनक कुमार गुप्ता, मोहम्मद दिलशाद, रोहित और कृष्ण कुमार, जबकि बालिका वर्ग में अंशिका, सानवी, यासमीन कशिश, मेहर और रिशिका कुमारी ने स्वर्ण पदक जीता।
तकनीकी पदाधिकारी इफ्तेखार राही, संयोजक अमृत कुमार तथा रामकुमार, मोहम्मद इरशाद, मोहम्मद कलीम, रितु कुमारी और रामसागर पंडित ने प्रतियोगिता के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
DSO कुमारी तोशी ने खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि कराटे खेल के साथ आत्मरक्षा का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने बालिकाओं के लिए इसके महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष SGFI में कराटे शामिल होने के बाद सहरसा के मो. इनताज ने राष्ट्रीय स्तर पर सिल्वर मेडल हासिल किया था। इस बार भी उन्होंने खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई।
सहरसा जिला कराटे संघ के महासचिव इफ्तेखार राही ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि जिले में कराटे को आगे बढ़ाने के प्रयास अब परिणाम दे रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से प्रामंडल स्तर के लिए और अधिक मेहनत करने का आह्वान करते हुए कहा, “जो खेलेगा, वही खिलेगा।”






