सहरसा। मारूफगंज में नाला निर्माण को लेकर चल रहे विवाद के बीच नगर निगम की ओर से गठित पांच सदस्यीय जांच टीम की रिपोर्ट सामने आ गई है। टीम ने मामले की जांच पूरी करने के बाद अपनी रिपोर्ट नगर निगम को सौंप दी है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद अब नगर निगम स्तर पर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
नगर निगम आयुक्त के अनुसार, जांच टीम की रिपोर्ट में प्राइवेट जमीन पर नाला निर्माण किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, जमीन की वास्तविक स्थिति और सीमांकन को स्पष्ट करने के लिए अब प्रशासनिक स्तर पर नापी कराई जाएगी। इसके लिए नगर निगम की ओर से कहरा अंचलाधिकारी को पत्र भेजकर संबंधित जमीन की नापी कराने का अनुरोध किया गया है।
अंचल स्तर से जमीन की नापी के बाद यह स्पष्ट किया जाएगा कि नाला निर्माण किस भूखंड पर किया गया है और संबंधित जमीन किसके नाम पर है। नापी रिपोर्ट मिलने के बाद नगर निगम प्रशासन जांच टीम की रिपोर्ट के साथ जमीन से जुड़े अभिलेखों का भी अध्ययन करेगा।
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि जमीन की नापी और सीमांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंचलाधिकारी से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर मामले की वास्तविक स्थिति को समझा जाएगा। इसके बाद जांच रिपोर्ट, जमीन के दस्तावेज और नापी रिपोर्ट को आधार बनाकर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
बताया गया कि मारूफगंज में नाला निर्माण को लेकर विवाद सामने आने के बाद नगर निगम ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम का गठन किया था। टीम ने स्थल निरीक्षण के साथ उपलब्ध तथ्यों और संबंधित बिंदुओं की जांच करने के बाद अपनी रिपोर्ट निगम को सौंप दी है।
अब पूरे मामले में अंचल स्तर से होने वाली जमीन की नापी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नापी रिपोर्ट सामने आने के बाद नाला निर्माण की वास्तविक स्थिति और जमीन के स्वामित्व को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
नगर निगम प्रशासन ने कहा है कि सभी संबंधित प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद उपलब्ध दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।





