सांसद कार्यालय में चोरी से मचा हड़कंप, सरकारी गार्ड की पिस्टल गायब होने की चर्चा से बढ़ी चिंता
भागलपुर के तिलकामांझी थाना क्षेत्र स्थित सांसद कार्यालय में हुई चोरी की घटना ने जिले में सनसनी फैला दी है। चोरों द्वारा कार्यालय का ताला तोड़कर महत्वपूर्ण दस्तावेज, कंप्यूटर और सीसीटीवी का डीवीआर चोरी कर ले जाने के बाद अब सरकारी गार्ड की पिस्टल भी गायब होने की चर्चा सामने आने से मामला और गंभीर हो गया है।
इस घटना ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही को लेकर भी बहस शुरू हो गई है।
जानकारी के अनुसार, सांसद कार्यालय में चोरी की घटना का पता चलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी थी। शुरुआती जांच में कार्यालय से कई जरूरी सामानों के गायब होने की पुष्टि हुई।
वहीं स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी तेज है कि कार्यालय की सुरक्षा में तैनात सरकारी गार्ड की पिस्टल भी लापता है। हालांकि पुलिस की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन यदि जांच में यह बात सही पाई जाती है तो मामला सामान्य चोरी से कहीं अधिक गंभीर हो जाएगा।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि सरकारी गार्ड की पिस्टल कार्यालय से गायब हुई है तो गार्ड अपना सरकारी हथियार कार्यालय में छोड़कर कहां गया था। सुरक्षा नियमों के अनुसार सरकारी हथियारों की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी संबंधित सुरक्षाकर्मी की होती है। ऐसे में यह घटना सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक की ओर इशारा करती है।
सांसद कार्यालय जैसी संवेदनशील जगह पर चोरी होना और सीसीटीवी डीवीआर का भी गायब हो जाना जांच एजेंसियों के लिए चुनौती बना हुआ है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि चोरी की वारदात किसी सुनियोजित साजिश का हिस्सा तो नहीं थी।
डीवीआर चोरी होने से घटना के महत्वपूर्ण साक्ष्य भी प्रभावित हुए हैं।
इस मामले को लेकर भागलपुर के जदयू सांसद Ajay Mandal ने घटना पर चिंता जताते हुए दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।
वहीं भाजपा ओबीसी मोर्चा नवगछिया के जिला अध्यक्ष Ravi Suman alias Arun Mandal ने भी घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
फिलहाल तिलकामांझी थाना पुलिस मामले के हर पहलू की जांच में जुटी हुई है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है कि चोरी के पीछे का वास्तविक कारण क्या था और सुरक्षा में हुई कथित चूक के लिए जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होती है।