तीन दिनों में तीसरी घटना से मचा हड़कंप, विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद नाव बना है लोगों का सहारा
भागलपुर में गंगा नदी के रास्ते सफर कर रहे यात्रियों की जान उस वक्त खतरे में पड़ गई जब बीच नदी में यात्रियों से भरी नाव अचानक खराब हो गई। घटना के बाद नाव पर सवार लोगों में अफरा-तफरी मच गई और कई यात्री घबराकर मदद की गुहार लगाने लगे। राहत की बात यह रही कि समय रहते SDRF की टीम मौके पर पहुंच गई और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
जानकारी के अनुसार महादेवपुर गंगा घाट से बरारी गंगा घाट की ओर आ रही दो बड़ी नावों का इंजन बीच गंगा में अचानक बंद हो गया। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के कारण नाव आगे बढ़ना बंद कर दी। उस वक्त नाव पर करीब 75 यात्री सवार थे, जबकि 13 मोटरसाइकिल भी लोड थी। नदी के बीच नाव रुकते ही यात्रियों में दहशत फैल गई। कई लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे तो कुछ यात्रियों ने मोबाइल से अपने परिजनों को फोन कर घटना की जानकारी दी।
घटना की सूचना मिलते ही SDRF की टीम सक्रिय हुई और तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित किनारे पहुंचाया गया। इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन लोगों में डर और गुस्सा साफ देखा गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले तीन दिनों के भीतर यह तीसरी घटना है जब बीच गंगा में नाव खराब हुई है। दरअसल विक्रमशिला सेतु का स्लैब टूटने के बाद लोगों के आवागमन का मुख्य सहारा नाव ही बन गया है। ऐसे में लगातार नावों में तकनीकी खराबी सामने आने से प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
लोगों ने प्रशासन से नावों की तकनीकी जांच कराने, क्षमता से अधिक लोडिंग रोकने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
भागलपुर में बीच गंगा नदी में बंद हुई यात्रियों से भरी नाव, SDRF ने 75 लोगों को बचाया


