मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर में बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर जिला पुलिस ने विशेष पहल शुरू की है। सीनियर सिटीजंस की सुरक्षा और उनकी समस्याओं की जानकारी लेने के लिए विशेष व्यवस्था तैयार की गई है। पुलिस की टीम नियमित रूप से बुजुर्गों से संपर्क करेगी और उनका हालचाल लेगी। किसी तरह की परेशानी या शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरी व्यवस्था की मॉनिटरिंग मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा खुद कर रहे हैं। पुलिस का खास उद्देश्य अकेले रहने वाले बुजुर्गों को सुरक्षा का भरोसा देना है।
दरअसल, मिठनपुरा थाना क्षेत्र में बुजुर्ग दंपती की हत्या के बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर यह कदम उठाया है। हत्याकांड की जांच में पुलिस ने मुख्य संदिग्ध की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की मदद ली है। AI से तैयार संदिग्ध की तस्वीर के पोस्टर भी लोगों के बीच साझा किए गए हैं।
इसी क्रम में सोमवार सुबह एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा सिटी पार्क पहुंचे और वहां टहल रहे सीनियर सिटीजंस से मुलाकात की। उन्होंने बुजुर्गों से हत्याकांड से जुड़े पोस्टर साझा किए और संदिग्ध या इलाके में सक्रिय अपराधियों से जुड़ी किसी भी जानकारी को पुलिस तक पहुंचाने की अपील की।
पुलिस ने जिले के हर थाने में सीनियर सिटिजंस काउंसिल बनाने की योजना तैयार की है। अकेले रहने वाले बुजुर्गों के लिए अलग व्हाट्सऐप ग्रुप भी बनाया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में पुलिसकर्मी और ग्रामीण इलाकों में चौकीदार सप्ताह में दो दिन बुजुर्गों के घर जाकर उनका हालचाल लेंगे। शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाएगा।
वहीं, मिठनपुरा बुजुर्ग दंपती हत्याकांड की जांच में पुलिस करीब 150 स्थानों के 2000 CCTV फुटेज खंगाल चुकी है। जांच के दौरान संदिग्ध एक दुकान पर खरीदारी करते हुए भी दिखाई दिया है। हालांकि, अभी तक गिरफ्तारी के लिए ठोस साक्ष्य नहीं मिला है। पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस को उम्मीद है कि CCTV फुटेज, AI तकनीक और आम लोगों से मिलने वाली सूचना के जरिए आरोपी तक जल्द पहुंचा जा सकेगा।





