सहरसा। सहरसा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के दर्जनों छात्र सोमवार को अचानक समाहरणालय परिसर पहुंचे। छात्रों ने हॉस्टल में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर जिला पदाधिकारी से शिकायत की और मामले में कार्रवाई की मांग की। छात्रों ने जिला पदाधिकारी को आवेदन सौंपकर हॉस्टल के खाने की व्यवस्था की जांच कराने की अपील की।
छात्रों का आरोप है कि हॉस्टल में उन्हें नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण भोजन नहीं मिल रहा है। खाने की गुणवत्ता और व्यवस्था को लेकर कई बार कॉलेज प्रशासन के समक्ष शिकायत की गई, लेकिन उनकी समस्याओं का अपेक्षित समाधान नहीं किया गया। छात्रों का कहना है कि हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए भोजन की गुणवत्ता महत्वपूर्ण है, इसलिए उनकी शिकायतों पर कॉलेज प्रबंधन को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
छात्रों ने आरोप लगाया कि जब वे हॉस्टल के खाने में गड़बड़ी को लेकर प्रधानाचार्य से शिकायत करते हैं, तो उनकी समस्या का समाधान करने के बजाय उन्हें कथित तौर पर प्रताड़ित किया जाता है। छात्रों का यह भी आरोप है कि शिकायत करने वाले विद्यार्थियों को कई बार कॉलेज से निष्कासित करने की धमकी दी जाती है।
इसी वजह से बड़ी संख्या में छात्र सोमवार को समाहरणालय पहुंचे और जिला पदाधिकारी के समक्ष अपनी समस्या रखी। छात्रों ने कहा कि वे अपनी मांग को लेकर किसी विवाद की स्थिति पैदा नहीं करना चाहते, बल्कि चाहते हैं कि प्रशासन मामले की निष्पक्ष जांच कराए और हॉस्टल में भोजन की व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए।
छात्रों ने जिला पदाधिकारी से हॉस्टल में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और पूरी व्यवस्था की जांच कराने की मांग की है। साथ ही छात्रों ने शिकायत करने पर कथित रूप से प्रताड़ित किए जाने के आरोपों की भी जांच कराने की अपील की।
अब छात्रों की शिकायत के बाद प्रशासन की ओर से मामले में क्या कदम उठाया जाता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। वहीं, कॉलेज प्रशासन की ओर से छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।






