बिहार को नशामुक्त बनाने के संकल्प के साथ मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नशा मुक्त बिहार अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर सहरसा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारी दीपेश कुमार, पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग और करीब 300 छात्र-छात्राएं कार्यक्रम से जुड़े। इस दौरान युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करते हुए नशामुक्त समाज बनाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने कहा कि जिंदगी दोबारा नहीं मिलती। नशे की लत इंसान को शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर कर देती है। धीरे-धीरे इसका असर व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और भविष्य पर पड़ता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और अपनी ऊर्जा को शिक्षा, खेलकूद तथा सकारात्मक गतिविधियों में लगाने की अपील की।
डीएम ने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल प्रशासन के प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए समाज के हर व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है। लोगों को स्वयं नशे से दूर रहने के साथ अपने परिवार, आस-पड़ोस और समाज के अन्य लोगों को भी जागरूक करना चाहिए।
गौरतलब है कि बिहार में 5 अप्रैल 2016 से पूर्ण मद्यनिषेध लागू है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन और नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए राज्य सरकार की ओर से कार्रवाई के साथ जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में 27 अक्टूबर से 26 नवंबर 2026 तक राज्यव्यापी नशामुक्ति जागरूकता अभियान संचालित किया जाएगा।
अभियान को चार चरणों में बांटा गया है। पहले चरण में 27 से 31 अक्टूबर तक ‘नगर की प्रतिज्ञा’, दूसरे चरण में 1 से 7 नवंबर तक ‘गांव का संकल्प’, तीसरे चरण में 8 से 16 नवंबर तक ‘पर्व और परिवार’ तथा चौथे चरण में 17 से 25 नवंबर तक ‘युवा जोश’ के तहत जागरूकता गतिविधियां आयोजित होंगी।
सहरसा जिले में भी विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं, महिलाओं और आम नागरिकों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा। कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त गौरव कुमार, अपर समाहर्ता निशांत कुमार, कॉलेज के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) रामचन्द्र प्रसाद, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी, प्राध्यापक, मद्यनिषेध कार्यालय के कर्मी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।





