धनबाद : केंद्र की मोदी सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ कांग्रेस ने आंदोलन तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी के देशव्यापी ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान को मजबूत करने के उद्देश्य से मंगलवार को धनबाद के सर्किट हाउस में अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. शिवकुमार डहरिया शामिल हुए। बैठक के बाद प्रेस वार्ता में उन्होंने केंद्र सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने और चुनाव आयोग पर भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से तत्काल इस्तीफे की मांग की।
डॉ. डहरिया ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में देशभर में ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य लोकतंत्र और संविधान की रक्षा करना तथा चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि अभियान के दो चरण पूरे हो चुके हैं, जबकि तीसरा चरण 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक चल रहा है।
राहुल गांधी ने वोट चोरी के सबूत सामने रखे : डहरिया
प्रेस वार्ता में डॉ. डहरिया ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कथित वोट चोरी से जुड़े सबूत देश के सामने रखे हैं। उन्होंने कहा कि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और चुनाव आयोग को अपनी कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों का जवाब देना चाहिए। उनके अनुसार, चुनाव कराने वाली संस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठना लोकतंत्र के लिए गंभीर विषय है।
सड़क से संसद तक आंदोलन करेगी कांग्रेस
डॉ. डहरिया ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी। पार्टी कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को उठाएंगे और लोगों को जागरूक करेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक चुनाव आयोग की निष्पक्षता और चुनावी पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवालों का संतोषजनक समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
14 दिसंबर को दिल्ली में विशाल रैली
डॉ. डहरिया ने बताया कि अभियान के तहत 14 दिसंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल रैली आयोजित की जाएगी। इसमें देशभर से कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे। झारखंड से भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को दिल्ली ले जाने की तैयारी है। बैठक में धनबाद जिला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।






