सहरसा: कर्तव्य निभाते हुए प्राणों की आहुति देने वाले वीर पुलिसकर्मियों के सम्मान में बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को सहरसा पुलिस केंद्र में पुलिस स्मृति दिवस मनाया गया। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों और जवानों ने देश एवं समाज की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले शहीद पुलिसकर्मियों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान उनके अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण और सर्वोच्च बलिदान को याद किया गया।
पुलिस अधिकारियों और जवानों ने शहीदों को किया नमन
पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कोशी क्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक, सहरसा के पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित), पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), पुलिस उपाधीक्षक (साइबर) समेत कई पुलिस पदाधिकारी और पुलिसकर्मी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों एवं कर्मियों ने शहीद पुलिसकर्मियों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके बलिदान को याद किया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उन वीर जवानों के योगदान को स्मरण करना था, जिन्होंने अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए देश और समाज की सुरक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। पुलिसकर्मियों का यह त्याग पुलिस बल की गौरवशाली परंपरा और कर्तव्य के प्रति अटूट निष्ठा का प्रतीक है।
शहीदों का बलिदान हमेशा रहेगा यादगार
इस अवसर पर शहीद पुलिसकर्मियों के साहस, त्याग और कर्तव्यपरायणता को याद करते हुए उनके योगदान को अविस्मरणीय बताया गया। पुलिसकर्मी दिन-रात कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध पर नियंत्रण करने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। इस दौरान कई बार उन्हें कठिन परिस्थितियों और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
कर्तव्य के प्रति समर्पित रहते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले जवानों का बलिदान समाज के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत बना रहेगा। उनका साहस आने वाली पीढ़ियों को भी देशसेवा, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की सीख देता रहेगा।
पुलिस स्मृति दिवस का विशेष महत्व
पुलिस स्मृति दिवस पुलिस बल के उन वीर सदस्यों को याद करने का अवसर है, जिन्होंने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। यह दिन पुलिसकर्मियों के समर्पण और जिम्मेदारियों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को सम्मान देने के साथ-साथ उनके योगदान को समाज के सामने लाता है।
कार्यक्रम के अंत में सहरसा पुलिस ने सभी वीर शहीद पुलिसकर्मियों को शत-शत नमन करते हुए उनके प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। शहीदों की वीरता, त्याग और बलिदान को सदैव याद रखने का संकल्प भी इस अवसर का प्रमुख संदेश रहा।






