भागलपुर। बिहार में शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशकों ने अपनी सेवाओं को अंशकालिक से पूर्णकालिक करने की मांग को लेकर एक बार फिर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया है। दुर्गा पूजा के अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के गृह क्षेत्र तारापुर पहुंचने पर शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक भागलपुर इकाई की टीम ने उनसे मुलाकात की। इस दौरान अनुदेशकों ने अपनी मांगों से संबंधित आवेदन सौंपते हुए पूर्णकालिक सेवा की दिशा में ठोस पहल करने का आग्रह किया।
अंगवस्त्र और मां तेलडीहा की तस्वीर भेंट कर किया सम्मानित
शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक भागलपुर इकाई के अध्यक्ष अभय कुमार मिश्रा के नेतृत्व में पहुंचे अनुदेशकों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का स्वागत किया। इस दौरान उन्हें अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही मां तेलडीहा दुर्गा मंदिर की सुंदर फ्रेम भी भेंट की गई।
फ्रेम पर समाज के सर्वांगीण विकास के लिए मुख्यमंत्री के नेतृत्व की सराहना करते हुए लिखा गया था, “समाज की सर्वांगीण विकास हेतु आपके प्रेरणादायी नेतृत्व को तेलडीहा माता का शुभाशीष।” इस भेंट के माध्यम से अनुदेशकों ने मुख्यमंत्री के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
अंशकालिक से पूर्णकालिक सेवा करने की उठाई मांग
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान अनुदेशकों ने अपनी प्रमुख मांग को दोहराते हुए आवेदन सौंपा। उनका कहना है कि विद्यालयों में बच्चों के शारीरिक विकास, खेलकूद गतिविधियों और स्वास्थ्य शिक्षा को बढ़ावा देने में शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में उनकी सेवाओं को अंशकालिक व्यवस्था से मुक्त कर पूर्णकालिक किया जाना चाहिए।
अनुदेशकों का मानना है कि पूर्णकालिक सेवा मिलने से वे विद्यालयों में अपनी जिम्मेदारियों का बेहतर तरीके से निर्वहन कर सकेंगे। साथ ही, इससे उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग को भी पूरा करने का रास्ता साफ हो सकता है।
मुख्यमंत्री के आश्वासन से जगी उम्मीद
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अनुदेशकों को उनकी मांग पर काम करने का आश्वासन दिया। इसके बाद अनुदेशकों में सकारात्मक उम्मीद जगी है। हालांकि, पूर्णकालिक सेवा को लेकर अभी अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा है।
अभय कुमार मिश्रा के नेतृत्व में हुई यह मुलाकात अनुदेशकों की मांग को सरकार तक पहुंचाने की दिशा में एक और प्रयास है। अब सभी की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। अनुदेशकों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद उनकी पूर्णकालिक सेवा की मांग पर जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।





