बक्सर: बिहार के बक्सर में दुर्गा पूजा के दौरान एक अनूठा पंडाल चर्चा का विषय बना हुआ है। जासो रोड स्थित दुर्गा पूजा पंडाल में जहां एक ओर भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर से जुड़े घटनाक्रम को दर्शाया गया है, वहीं दूसरी ओर बाढ़ पीड़ितों की परेशानियों को भी मूर्तियों और दृश्यों के जरिए जीवंत किया गया है। करीब 8 लाख 75 हजार रुपये की लागत से तैयार इस पंडाल को बनाने में लगभग दो महीने का समय लगा है।
पंडाल के मुख्य द्वार को ‘भरतपुर’ नाम दिया गया है। इसके एक हिस्से में बाढ़ से घिरे घर, डूबे हुए स्कूल और पानी के बीच जिंदगी गुजारने की मजबूरी दिखाई गई है। कहीं महिला सिर पर पुआल लेकर पानी पार करती नजर आती है, तो कहीं लोग हाथ में चप्पल लेकर और साइकिल उठाकर पानी से निकलने की कोशिश करते दिखाई देते हैं। एक दृश्य में बच्चा शिक्षक के साथ पानी के बीच से स्कूल जाता नजर आता है। इन झांकियों के जरिए बाढ़ से प्रभावित परिवारों की मुश्किलों को सामने लाने का प्रयास किया गया है।
वहीं, पंडाल के दूसरे हिस्से में 17 जून 2026 को भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर से जुड़े दृश्य बनाए गए हैं। इस घटना में भरत तिवारी को पांच गोलियां लगी थीं और इलाज के दौरान पटना के पीएमसीएच में उनकी मौत हो गई थी। पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने के बाद मामला न्यायिक जांच तक पहुंचा था।
पंडाल में भरत तिवारी को चौकी पर लेटे हुए, हाथ में पिस्टल लिए दिखाया गया है। वहीं, उनकी मां को हाथ जोड़कर खड़े हुए दर्शाया गया है। मां काली की रौद्र रूप वाली प्रतिमा के जरिए भी दर्द और गुस्से को प्रतीकात्मक रूप से दिखाने की कोशिश की गई है।
दुर्गा पूजा समिति के सदस्य प्रशांत शर्मा के मुताबिक, पंडाल की थीम का उद्देश्य लोगों को इस घटना और बाढ़ पीड़ितों की परेशानियों की याद दिलाना है। खास बात यह रही कि भरत तिवारी की मां भी परिवार के साथ पंडाल देखने पहुंचीं। बेटे से जुड़े दृश्य देखकर वह भावुक हो गईं।
ग्रामीणों से चंदा जुटाकर तैयार किए गए इस पंडाल में आस्था के साथ सामाजिक सरोकार और स्थानीय घटनाओं को भी प्रमुखता दी गई है।






