
बगहा से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां वाल्मीकि टाइगर रिजर्व यानी वीटीआर में एक बाघ का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र के कक्ष संख्या 36 में बाघ का शव बरामद किया गया है। शुरुआती जांच में बाघ के शरीर पर कई गहरे जख्म के निशान मिले हैं। ऐसे में दूसरे बाघ के साथ वर्चस्व की लड़ाई में उसकी मौत होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
दरअसल, यह पूरा मामला वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र से सटे बिसहा गांव के पास का है। जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को जंगल के नजदीक बकरी चरा रहे 65 वर्षीय अकलु यादव पर एक बाघ ने हमला कर दिया था। हालांकि, मौके पर मौजूद करीब आधा दर्जन ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए शोर मचाया और प्रतिरोध कर बुजुर्ग को बचा लिया। इसके बाद बाघ जंगल की ओर चला गया।
घटना की सूचना मिलते ही वाल्मीकिनगर रेंजर सत्यम कुमार के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बाघ की तलाश शुरू की। वनकर्मियों ने उसके पदचिह्नों के आधार पर लोकेशन ट्रेस की। इसी दौरान दोपहर करीब दो बजे घटनास्थल से कुछ दूरी पर जंगल की झाड़ियों में नर बाघ का शव बरामद हुआ। बाघ के शरीर पर कई गहरे जख्म मिलने के बाद वन विभाग ने वर्चस्व की लड़ाई में घायल होने की आशंका जताई है।
वहीं, वन संरक्षक सह निदेशक गौरव ओझा ने बाघ की मौत की पुष्टि की है। वरिष्ठ वन अधिकारियों की मौजूदगी में मेडिकल जांच और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा होगा। फिलहाल वन विभाग पूरे मामले की जांच में जुटा है।
इस घटना के बीच वीटीआर में बाघों की बढ़ती संख्या भी चर्चा में है। विभागीय आकलन और कैमरा ट्रैप के आधार पर यहां बाघों की संख्या 70 के पार पहुंचने का अनुमान है। हालांकि, वर्ष 2026 की आधिकारिक बाघ गणना के आंकड़े अभी जारी नहीं हुए हैं। ऐसे में अब सबकी नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वन विभाग की जांच पर टिकी है।





