सहरसा। इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (आईआईपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह सहरसा विधायक इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता उर्फ आईपी गुप्ता ने रविवार को शिवपुरी स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में कोलकाता भगदड़, जेएनयू में आरएसएस के पथ संचलन और पूर्णिया सांसद पप्पू यादव के विवादित बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इन मुद्दों को लेकर चिंता जताते हुए प्रशासनिक व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और आम लोगों की सुरक्षा पर जोर दिया।
कोलकाता भगदड़ पर जताया दुख
विधायक आईपी गुप्ता ने पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के चोरबागान सर्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ के दौरान 19 लोगों की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने घटना को बेहद दुखद और चिंताजनक बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं। पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने चाहिए। भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन व्यवस्था को मजबूत बनाना जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
जेएनयू में आरएसएस के पथ संचलन पर उठाए सवाल
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में विजयादशमी के अवसर पर आरएसएस के पथ संचलन को लेकर भी आईपी गुप्ता ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में आरएसएस से जुड़े लोगों की गतिविधियों और मौजूदगी को लेकर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। उन्होंने जेएनयू जैसे शैक्षणिक संस्थान में इस तरह के कार्यक्रम के आयोजन पर सवाल उठाए।
पप्पू यादव के बयान को बताया उकसाने वाला
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव के उस बयान पर भी आईपी गुप्ता ने असहमति जताई, जिसमें महिलाओं से छेड़खानी करने वालों के हाथ काटकर लाने वाले को दो लाख रुपये इनाम देने की बात कही गई थी। उन्होंने इसे विवादित और उकसाने वाला बयान बताया।
आईपी गुप्ता ने कहा कि अपराधियों को पकड़ना और उन्हें कानून के अनुसार सजा दिलाना शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है। इस तरह के बयान से हिंसक घटनाओं को बढ़ावा मिल सकता है और असामाजिक तत्व इसका गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्होंने पप्पू यादव को ऐसे बयानों से बचने की नसीहत दी।
अंत में विधायक ने बिहार में अपराधियों के बढ़ते मनोबल पर अंकुश लगाने के लिए सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था मजबूत करना और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।






