
धनबाद: दुर्गा पूजा… आस्था, श्रद्धा और उत्साह का पर्व। लेकिन पश्चिम बंगाल के कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान हुए दर्दनाक हादसे ने त्योहार की खुशियों को मातम में बदल दिया। इस घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं को श्रद्धांजलि देने के लिए धनबाद के एक कलाकार ने अपनी कला का सहारा लिया और कैनवास पर मां दुर्गा के उदास चेहरे को उकेरकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
दरअसल, पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित चोर बागान में दुर्गा पूजा के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया। बताया जा रहा है कि सप्तमी की रात तेज बारिश के बाद पूजा पंडाल में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने और पंडाल ध्वस्त होने से कई श्रद्धालुओं की जान चली गई। प्रशासन की ओर से इस हादसे में 19 लोगों की मौत की बात सामने आने के बीच घटना को लेकर शोक व्यक्त किया जा रहा है। जिस पंडाल में मां दुर्गा की आराधना और उत्सव का माहौल था, वहां हादसे के बाद दुख और शोक छा गया।
कोलकाता में हुए इस हादसे की पीड़ा धनबाद में भी देखने को मिली। शहर के रणधीर वर्मा चौक पर स्थानीय कलाकार रमेश ठाकुर ने कैनवास पर मां दुर्गा के उदास चेहरे की तस्वीर बनाई। चित्र के बगल में पश्चिम बंगाल का नक्शा भी उकेरा गया है। इस कलाकृति के जरिए कलाकार ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।
कलाकार रमेश ठाकुर का कहना है कि त्योहार हमारी आस्था, संस्कृति और परंपराओं का प्रतीक हैं, लेकिन जब ऐसी दुखद घटना सामने आती है, तो मानवीय संवेदनाओं को समझना भी बेहद जरूरी हो जाता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि दुर्गा पूजा का उत्सव पूरे श्रद्धा और परंपरा के साथ मनाएं, लेकिन इस दुख की घड़ी में हादसे के पीड़ितों और उनके परिवारों के दर्द को भी महसूस करें।
धनबाद के कलाकार की यह तस्वीर संदेश देती है कि कला केवल खुशियों को ही नहीं, बल्कि दुख और संवेदनाओं को भी अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम है। मां दुर्गा के उदास चेहरे के जरिए कलाकार ने उन परिवारों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की है, जिनकी खुशियां इस हादसे ने छीन लीं।






