बिहार के बगहा से बड़ी खबर सामने आई है, जहां शराबबंदी कानून के तहत फरार वारंटी को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। इस दौरान पुलिस ने नागेंद्र बीन को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन अशोक बीन समेत करीब एक दर्जन महिला-पुरुषों ने पुलिस से हाथापाई कर उसे जबरन छुड़ा लिया। घटना में नौरंगिया थानाध्यक्ष राज रौशन समेत कई पुलिसकर्मी आंशिक रूप से चोटिल हो गए। पुलिसकर्मियों के कपड़े भी फाड़ दिए गए। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
दरअसल, नौरंगिया थाना कांड संख्या 89/26 के तहत मध निषेध मामले में भूलन बीन और नागेंद्र बीन वारंटी बताए जा रहे हैं। दोनों की गिरफ्तारी के लिए नौरंगिया थाने की पुलिस टीम गांव पहुंची थी। बताया जा रहा है कि पुलिस टीम सादे कपड़ों में कार्रवाई करने गई थी। इसी दौरान पुलिस ने नागेंद्र बीन को पकड़ लिया, लेकिन अशोक बीन और अन्य ग्रामीणों ने पुलिस से उलझते हुए उसे जबरन छुड़ा लिया। इस दौरान पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट भी हुई।
घटना के बाद पुलिसकर्मियों ने किसी तरह मौके से निकलकर वरीय अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद एसडीपीओ बगहा निहार भूषण के निर्देश पर कई थानों की पुलिस नौरंगिया गांव पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
घायल पुलिसकर्मियों और थानाध्यक्ष का प्राथमिक उपचार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिधाव, बगहा-दो में कराया गया। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. के. बी.एन. सिंह ने बताया कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई है।
वहीं, पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस टीम पर हमला करने और अभिरक्षा से आरोपी को छुड़ाने के मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। करीब आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, हमले में शामिल लोगों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। फरार नागेंद्र बीन की तलाश भी की जा रही है। डॉ. के. बी.एन. सिंह, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिधाव, बगहा-दो








