सहरसा।
कोशी क्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक डॉ. कुमार आशीष ने सुपौल जिला के पुलिस अधीक्षक कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यालय की विभिन्न शाखाओं में संचालित कार्यों, अभिलेखों, पंजियों, लंबित कांडों और पुलिस भवनों की स्थिति का जायजा लिया। साथ ही कार्यालय में कार्यरत पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों के कार्यों का भी मूल्यांकन किया।
निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने पुलिस कार्यालय की सभी शाखाओं में संधारित पंजियों और अभिलेखों की जांच की। उन्होंने लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा करते हुए उनके निष्पादन की प्रगति का जायजा लिया। इसके अलावा पुलिस भवनों की वर्तमान स्थिति की जानकारी भी ली।
इस मौके पर सुपौल जिले के सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, अंचल पुलिस निरीक्षक, पर्यवेक्षी पदाधिकारी और थानाध्यक्ष सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे। डीआईजी ने मौजूद अधिकारियों को आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनने और उनके त्वरित समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों के निष्पादन पर जोर
डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने जिले में अपराध नियंत्रण को लेकर विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने लंबित कांडों का गुणवत्तापूर्ण तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही पुलिस पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।
दुर्गा पूजा को लेकर सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा
आगामी दुर्गा पूजा 2026 को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए भी डीआईजी ने तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्क रहने का निर्देश दिया।
इसके साथ ही असामाजिक और आपराधिक प्रवृत्ति वाले व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार निरोधात्मक कार्रवाई करने को कहा गया, ताकि त्योहार के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
डीआईजी के इस निरीक्षण का उद्देश्य पुलिस व्यवस्था को बेहतर बनाना, अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना और आम जनता को बेहतर पुलिस सेवा उपलब्ध कराना रहा।








