सहरसा। बिहार के सहरसा स्थित एमएलटी कॉलेज परिसर में नगर निगम की ओर से आयोजित महिला कुश्ती प्रतियोगिता में दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। प्रतियोगिता में ओलंपिक कांस्य पदक विजेता पहलवान साक्षी मलिक भी शामिल हुईं। उन्होंने महिला पहलवानों का उत्साह बढ़ाया और उनके खेल कौशल की सराहना की।एमएलटी कॉलेज परिसर में नगर निगम ने कराया महिला कुश्ती का आयोजन, रूबी थापा ने कानपुर की पहलवान को हराकर हासिल किया प्रथम स्थान कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में पहुंचे लोगों ने महिला पहलवानों के दांव-पेच का आनंद लिया।
साक्षी मलिक ने बढ़ाया महिला पहलवानों का हौसला
कार्यक्रम के दौरान साक्षी मलिक ने कहा कि सहरसा में महिला कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन होना खुशी की बात है। नगर निगम की ओर से इस तरह का आयोजन पहली बार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जहां भी महिला कुश्ती प्रतियोगिता आयोजित होती है, वहां पहुंचकर उन्हें अच्छा लगता है। वह यहां महिला खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने आई हैं।
साक्षी मलिक ने महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि जब वह एक छोटे से गांव से निकलकर देश का नाम रोशन कर सकती हैं, तो सहरसा की बेटियां भी मेहनत, लगन और अनुशासन के दम पर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने का संदेश दिया।
बृजभूषण शरण सिंह से जुड़े सवाल पर टिप्पणी से किया परहेज
कार्यक्रम के दौरान पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह से जुड़े मामले को लेकर जब साक्षी मलिक से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह यहां महिला पहलवानों का उत्साह बढ़ाने के लिए आई हैं और इस विषय पर कुछ नहीं कहना चाहतीं।
नेपाल की रूबी थापा ने जीता मुकाबला
प्रतियोगिता का प्रमुख आकर्षण नेपाल के काठमांडू से आईं पहलवान देवा थापा की छोटी बहन रूबी थापा रहीं। उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए कानपुर की पहलवान को पराजित किया और प्रथम स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता में विभिन्न स्थानों से आईं महिला पहलवानों ने हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा और खेल कौशल का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में खेल पदाधिकारी तौसी, कला एवं संस्कृति पदाधिकारी स्नेहा झा, नगर निगम के वार्ड पार्षद और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। आयोजन का उद्देश्य महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करना और युवतियों के बीच कुश्ती के प्रति रुचि बढ़ाना था।






