स्वच्छ भारत मिशन (SBM) एवं जल जीवन मिशन (JJM) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर मंगलवार को जामताड़ा जिले के कुंडहित प्रखंड में जल सहियाओं की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी जमाले राजा ने की। इसमें गांवों में स्वच्छता जागरूकता बढ़ाने, जल संरक्षण, पेयजल स्रोतों की जांच और जल कर की वसूली सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
बैठक में निर्देश दिया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रत्येक महीने दो बार ग्रामसभा आयोजित की जाए। वहीं, एसएसडब्ल्यूएम के तहत नाडेप, सोकपिट और कंपोस्ट पिट जैसी संरचनाओं का निर्माण कराया जाए। इसके लिए संबंधित जल सहियाओं को अपने-अपने गांव के मुखिया से संपर्क कर निर्माण कार्य जल्द शुरू करने और निर्धारित समय में पूरा करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा सभी जल सहियाओं को 15 अक्टूबर 2026 को हाथ धुलाई कार्यक्रम आयोजित करने को कहा गया।
उपायुक्त एवं जामताड़ा के कार्यपालक अभियंता के निर्देशानुसार जल जीवन मिशन 2.0 के तहत जल संरक्षण पर भी जोर दिया गया। जल सहियाओं को अपने-अपने गांवों में ग्रामसभा आयोजित कर लोगों को पानी की बर्बादी रोकने, जल संचय करने और पेयजल व्यवस्था की देखरेख के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में चालू नल कनेक्शन वाले सभी लाभुकों से प्रतिमाह कम से कम 62 रुपये जल कर वसूलने को कहा गया। जल सहियाओं को प्रत्येक सप्ताह थोड़ी-थोड़ी राशि एकत्र कर महीने का निर्धारित जल कर पूरा करने का निर्देश दिया गया।
इसके साथ ही एफटीके (फील्ड टेस्ट किट) के माध्यम से सभी पेयजल स्रोतों के पानी की जांच कर रिपोर्ट ऐप पर ऑनलाइन दर्ज करने को कहा गया। इसमें विशेष रूप से विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों के पेयजल स्रोतों की जांच कर रिपोर्ट अपलोड करने पर जोर दिया गया।
बैठक में सभी सक्रिय एवं मास्टर जल सहियाओं को अपने-अपने पंचायत की अन्य जल सहियाओं तक बैठक में दिए गए निर्देशों की जानकारी पहुंचाने को कहा गया। इस अवसर पर प्रखंड वॉश समन्वयक रफिक हुसैन और स्वच्छताग्राही आशीष गोप सहित जल सहियाएं मौजूद रहीं।
**संवाददाता: मोहन मंडल, कुंडहित (जामताड़ा)**






