झारखंड के पलामू से पूर्व सांसद रहे ब्रज मोहन राम को ओडिशा का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से सोमवार शाम छह राज्यपालों की नियुक्ति को लेकर अधिसूचना जारी की गई। इसी अधिसूचना में ब्रज मोहन राम को ओडिशा का राज्यपाल बनाए जाने की घोषणा की गई। उनकी नियुक्ति की खबर सामने आने के बाद पलामू और लातेहार जिले में चर्चा तेज हो गई है।
## पैतृक घर पर मौजूद थे ब्रज मोहन राम
बताया गया है कि जिस समय राज्यपालों की नियुक्ति से संबंधित अधिसूचना जारी हुई, उस समय ब्रज मोहन राम अपने पैतृक घर पर मौजूद थे। उनके पुत्र डॉ. अनिल कुमार ने पिता को ओडिशा का राज्यपाल नियुक्त किए जाने की पुष्टि की है। इस खबर के बाद उनके परिवार और परिचितों के बीच खुशी का माहौल देखा जा रहा है।
## लातेहार के चंदवा से जुड़ा है परिवार
ब्रज मोहन राम मूल रूप से झारखंड के लातेहार जिले के चंदवा के रहने वाले हैं। चंदवा बाजार में उनका पैतृक घर स्थित है। हालांकि, उनकी राजनीतिक पहचान पलामू के पूर्व सांसद के रूप में भी रही है। ऐसे में ओडिशा के राज्यपाल के रूप में उनकी नियुक्ति को झारखंड, खासकर पलामू और लातेहार क्षेत्र से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर के तौर पर देखा जा रहा है।
## झारखंड से ओडिशा तक जुड़ा राजनीतिक सफर
ब्रज मोहन राम का पलामू से जुड़ाव उनकी राजनीतिक पहचान का अहम हिस्सा रहा है। अब ओडिशा के राज्यपाल की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनका सार्वजनिक जीवन एक नई संवैधानिक भूमिका की ओर बढ़ेगा। राज्यपाल का पद राज्य की संवैधानिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। राज्यपाल के रूप में उन्हें संविधान के प्रावधानों के अनुरूप अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना होगा।
राष्ट्रपति की ओर से जारी नियुक्ति संबंधी अधिसूचना के बाद अब ओडिशा में उनके कार्यभार संभालने से जुड़ी औपचारिकताओं पर नजर रहेगी। पलामू के पूर्व सांसद और लातेहार के चंदवा निवासी ब्रज मोहन राम की इस नियुक्ति से उनके गृह क्षेत्र का नाम एक बार फिर चर्चा में आया है।
**संवाददाता: सत्यम शुक्ला, पलामू, झारखंड**
नोट: प्रकाशन से पहले नियुक्ति की आधिकारिक अधिसूचना, नियुक्ति की तारीख और कार्यभार संभालने की स्थिति की पुष्टि कर लें। दिए गए मूल विवरण में तारीख 12 अक्टूबर 2025 लिखी है, जबकि घटना का दिन सोमवार बताया गया है।







