
बिहार के सहरसा में आगामी पर्व-त्योहारों के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरी और एक्सपायरी खाद्य सामग्री की बिक्री पर रोक लगाने के लिए जांच अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में मंगलवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम श्रेयांश तिवारी के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर सहित विभिन्न इलाकों में सघन छापेमारी की। इस दौरान एक्सपायरी दूध, चिकन और पनीर बरामद किए गए, जिन्हें मौके पर ही नष्ट करा दिया गया।
## सौर बाजार, बैजनाथपुर और पुरब बाजार में हुई जांच
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सौर बाजार, बैजनाथपुर, पुरब बाजार सहित कई स्थानों पर दुकानों और खाद्य सामग्री की जांच की। अभियान के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की पड़ताल की गई और संदिग्ध सामग्री के नमूने भी एकत्र किए गए। विभाग की ओर से इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
खाद्य विभाग के अधिकारी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि जांच अभियान के दौरान विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए हैं। प्रयोगशाला से रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित दुकानदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है, ताकि त्योहारों के दौरान खराब या मिलावटी सामान की बिक्री पर रोक लगाई जा सके।
## त्योहारों तक जारी रहेगा छापेमारी अभियान
एसडीएम श्रेयांश तिवारी ने बताया कि आगामी पर्व-त्योहारों को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से लगातार जांच और छापेमारी की जा रही है। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से खिलवाड़ करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम ने यह भी बताया कि प्रशासन की ओर से पूर्व में घरेलू गैस सिलेंडर भी जब्त किए गए थे। प्रशासन का उद्देश्य त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट, एक्सपायरी सामान की बिक्री और अन्य अनियमितताओं पर अंकुश लगाना है।
जिला प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए निगरानी बढ़ा दी है। ऐसे में दुकानदारों को खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने और ग्राहकों को गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध कराने की जरूरत है।





