बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया में पुलिस हिरासत में लिए गए 25 वर्षीय युवक दिलशाद अंसारी की मौत से हड़कंप मच गया है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस रात में दिलशाद को घर से अपने साथ ले गई थी। सुबह अस्पताल पहुंचने पर उसकी मौत की जानकारी मिली। युवक के सिर पर गंभीर चोट के निशान मिलने के बाद परिवार ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। वहीं, पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के दौरान भागने की कोशिश में युवक पुलिस वाहन से कूद गया था, जिससे उसे चोट लगी।
पूरा मामला बेतिया के बानुछापर और सहोदरा थाना क्षेत्र से जुड़ा है। मृतक की पहचान बानुछापर थाना क्षेत्र के बड़ा टोला, वार्ड संख्या-2 निवासी अकबर अंसारी के पुत्र दिलशाद अंसारी के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, रविवार की देर रात करीब दो बजे पुलिस की दो गाड़ियां उनके घर पहुंचीं। पुलिस दिलशाद को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई और सुबह छोड़ने की बात कही।
मृतक की पत्नी नगमा खातून के अनुसार, सुबह करीब पांच बजे परिवार को फोन आया कि दिलशाद की तबीयत खराब है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिजन जब अस्पताल पहुंचे, तो दिलशाद की मौत हो चुकी थी। उसके सिर पर गंभीर चोट के निशान थे। पिता अकबर अंसारी ने आरोप लगाया कि पुलिस की पिटाई से उनके बेटे की मौत हुई है।
दूसरी ओर, सहोदरा थानाध्यक्ष रविशंकर कुमार ने बताया कि दिलशाद को एनडीपीएस कांड संख्या 65/25 में गिरफ्तार कर लाया जा रहा था। इसी दौरान वह पुलिस वाहन से कूद गया, जिससे उसके माथे पर गंभीर चोट आई। उसे बेतिया स्थित जीएमसीएच में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
सदर एसडीपीओ अजीत कुमार ने भी वाहन से कूदने के दौरान चोट लगने की बात कही है। वहीं, एसपी कुमार गौतम ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा।
दिलशाद अपने पीछे पत्नी और चार महीने की बेटी छोड़ गया है। अब परिजनों को जांच रिपोर्ट का इंतजार है।








