शारदीय नवरात्र को लेकर धनबाद के फूल बाजार में रौनक बढ़ने लगी है। मां दुर्गा की पूजा-अर्चना और पूजा पंडालों की सजावट के लिए फूलों की मांग में तेजी आई है। अड़हुल, गेंदा, अपराजिता और कमल जैसे फूलों की बढ़ती मांग को देखते हुए कारोबारी कोलकाता और बेंगलुरु से फूल मंगा रहे हैं। कारोबारियों को उम्मीद है कि नवरात्र के दौरान धनबाद के फूल बाजार में करीब एक करोड़ 25 लाख रुपये का कारोबार हो सकता है।
धनबाद में शारदीय नवरात्र के आगमन के साथ ही फूलों के बाजार में चहल-पहल बढ़ने लगी है। नवरात्र के पहले दिन से लेकर नवमी तक फूलों की मांग बनी रहती है। खासकर सप्तमी, अष्टमी और नवमी के दिन फूलों की खपत सबसे अधिक होती है। मंदिरों, पूजा पंडालों और घरों में होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों के कारण फूल कारोबारियों को अच्छे व्यापार की उम्मीद है।
रेलवे स्टेशन रोड के थोक फूल व्यापारी रामजी मालाकार के मुताबिक, सामान्य दिनों में धनबाद में प्रतिदिन करीब पांच लाख फूलों की खपत होती है। लेकिन नवरात्र के दौरान यह मांग बढ़कर 50 लाख फूलों तक पहुंचने की संभावना है। वहीं, अष्टमी और नवमी के दिन फूलों की खपत 60 लाख से अधिक होने का अनुमान है। इसी मांग को पूरा करने के लिए दूसरे राज्यों से फूलों की खेप मंगाई जा रही है। शनिवार रात ट्रेनों और निजी वाहनों के जरिए करीब 50 लाख फूल धनबाद पहुंचने का अनुमान है।
धनबाद में फूलों की 100 से अधिक दुकानें हैं। सामान्य दिनों में यहां प्रतिदिन करीब चार लाख रुपये का कारोबार होता है। नवरात्र के दौरान प्रतिपदा से सप्तमी तक रोजाना 12 लाख रुपये तक के कारोबार की उम्मीद है। वहीं, अष्टमी और नवमी के दिन यह आंकड़ा बढ़कर 15 से 20 लाख रुपये प्रतिदिन तक पहुंच सकता है।
कारोबारियों के अनुसार, बढ़ती मांग को देखते हुए अतिरिक्त फूल मंगाए जा रहे हैं। अष्टमी तक रोजाना एक लॉरी फूल पहुंचने की संभावना है, जबकि सप्तमी, अष्टमी और नवमी के दौरान चार लॉरी तक फूलों की आपूर्ति हो सकती है।
कुल मिलाकर, नवरात्र के दौरान धनबाद के फूल बाजार में कारोबार बढ़ने और व्यापारियों को अच्छी आमदनी होने की उम्मीद है।








